सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Basant Panchami 2026 Saraswati Puja Muhurat and pooja time vidhi all updates in Hindi

Basant Panchami Muhur: शुक्रवार सुबह 6:18 से दोपहर 12:18 बजे तक सरस्वती पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त, ऐसे करें पूजन

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 22 Jan 2026 11:22 AM IST
विज्ञापन
सार

 Saraswati Puja Muhurat Time: वसंत पंचमी का उत्सव शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसे मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं। इस दिन उनकी विधि विधान से पूजा होती है।

Basant Panchami 2026 Saraswati Puja Muhurat and pooja time vidhi all updates in Hindi
- फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

माघ मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी को वसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। शुक्रवार को इसका उल्लास छाएगा। यह पर्व ऋतुराज के आगमन की सूचना देता है। वसंत पंचमी को मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं और इस दिन उनकी विधि विधान से पूजा होती है।

Trending Videos


किसान नए अन्न में गुड़-धृत मिश्रित करके अग्नि तथा पितृ तर्पण भी करते हैं। वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त है, लेकिन इस वर्ष शुक्र के अस्त के चलते इस दिन विवाह और अन्य बड़े मांगलिक कार्य नहीं होंगे। सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 6:18 से दोपहर 12:18 बजे तक श्रेष्ठ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सोना-चांदी ने 15 लाख करोड़ से भर दी यूपी वालों की तिजोरी, इन धातुओं पर निवेश से करोड़पति बने लोग

ये भी पढ़ें - एसआईआर को लेकर बड़ा फैसला, राज्य सरकार का सामान्य निवास प्रमाणपत्र मान्य नहीं; ये दस्तावेज जरूरी


कृष्णानगर स्थित आशुतोष महादेव मंदिर के पुजारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि मां सरस्वती को शारदा, वीणावादनी, वाग्देवी, भगवती, वागीश्वरी आदि नामों से जाना जाता है। उनका वाहन हंस है। वे विद्या, गीत-संगीत, ज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। मां सरस्वती को प्रसन्न करके उनके आशीर्वाद से विद्या, ज्ञान, कला को प्राप्त किया जा सकता है।

वसंत पंचमी पर श्वेत वस्त्रावृत्ता मां सरस्वती की सुबह स्नान कर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। उनके पूजन में दूध, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू, गेहूं की बाली, पीले सफेद रंग की मिठाई और पीले, सफेद पुष्पों को अर्पण कर देवी सरस्वती के मंत्रों का जाप करना चाहिए। इस दिन पीले वस्त्र पहनने चाहिए और पीले रंग की खाद्य सामग्री के अधिकाधिक सेवन की भी परंपरा है।

बन रहा गजकेसरी का भी शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस वर्ष पंचमी तिथि बृहस्पतिवार रात 02:28 से शुरू होकर शुक्रवार रात 01:46 बजे समाप्त होगी। पंचमी तिथि 23 को पूरा दिन रहेगी। वसंत पंचमी पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रातः 08:33 बजे तक रहेगा। इसके बाद मीन राशि में रहेंगे। मकर राशि में चार ग्रह सूर्य, शुक्र, मंगल और बुध एक साथ होंगे। मंगल अपनी उच्च राशि में विराजमान रहेंगे। रवियोग एवं चंद्रमा से चतुर्थ भाव में गुरु के होने से गजकेसरी का शुभ संयोग भी बन रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed