यूपी: होली की छुट्टी में अटका तीन मार्च का पेंच, क्या होलिका दहन के अगले दिन खुलेंगे प्रदेश के स्कूल?
Holi 2006: यूपी में इस बार होलिका दहन के साथ होली के अवकाश पर भी दुविधा है। प्रदेश के प्राइमरी और माध्यमिक स्कूल तीन मार्च को खुले हैं।
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प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में दो मार्च सोमवार को होलिका दहन और चार मार्च बुधवार को होली की छुट्टी है। किंतु परिषद के कैलेंडर में तीन मार्च मंगलवार को विद्यालय खोले गए हैं। इसे देखते हुए शिक्षक संगठनों ने तीन मार्च को भी छुट्टी घोषित करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर तीन मार्च को भी अवकाश घोषित करने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि 28 फरवरी को शिक्षण कार्य करने के बाद वे दूर-दराज अपने घर चले जाएंगे। ऐसे में उन्हें मजबूरी में तीन मार्च को आना होगा। जबकि इस दौरान अधिकतर जगह रंग चल रहा होगा। ऐसे में शिक्षकों व बच्चों के हित में 3 मार्च को भी होली का अवकाश घोषित किया जाए।
इस बार होलिका दहन में असमंजस
इस बार होलिका दहन पर लोग असमंजस में हैं। इस वर्ष के पहले चंद्रग्रहण की वजह से लोग भ्रमित हैं कि किस दिन और समय होलिका दहन करना उचित होगा। हालांकि रंगभरी होली तो चार मार्च को ही खेली जाएगी। ज्योतिषाचार्यों से भी लोग होलिका दहन का शुभ मुहूर्त पूछने पहुंच रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो परंतु भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना उचित रहता है। यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। लेकिन भद्रा मुख में होलिका दहन नहीं करना चाहिए।
अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार लग जाएगा तीन मार्च
काशी पंचांग के अनुसार, दो मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 05:18 बजे से शुरू होकर तीन मार्च को शाम 04:33 बजे तक रहेगी। भद्रा दो मार्च से सांयकाल 05:18 से प्रात: 4:56 बजे तक रहेगी। होलिका का दहन दो मार्च को भद्रा पुच्छ में रात 12:50 बजे से 02:02 बजे तक अथवा भद्रा समाप्त होने के बाद सुबह 4:56 बजे के बाद भद्रारहित काल में भी होलिका दहन कर सकते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह तिथि तीन मार्च में प्रवेश कर जाएगी।
चार मार्च को खेली जाएगी होली
नववर्ष का पहला चंद्र ग्रहण तीन मार्च को पड़ रहा है। यह एक ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण होगा जो भारत के कुछ हिस्सों में दिखेगा। ग्रहण दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। तीन मार्च को सूतक सुबह 09:20 बजे से शाम 06:46 बजे तक नौ घंटे का रहेगा। वैदिक द्रिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ दो मार्च शाम 05:55 बजे होगा और तीन मार्च शाम 05:07 बजे पूर्णिमा तिथि का समापन होगा। होलिका दहन तीन मार्च मंगलवार को प्रदोष के दौरान शाम 06:46 बजे से रात 08:36 बजे तक कर सकते हैं। रंगभरी होली चार मार्च को खेली जाएगी।