यूपी: IAS रिंकू सिंह राही का इस्तीफा, लगाए गंभीर आरोप; बोले- मुझे समाज कल्याण विभाग की सेवा में भेज दें
उत्तर प्रदेश कैडर के 2023 बैच के एक आईएएस अधिकारी ने प्रशासनिक व्यवस्था से असंतुष्ट होकर इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश कैडर के 2023 बैच के एक आईएएस अधिकारी ने प्रशासनिक व्यवस्था से असंतुष्ट होकर इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं मिला।
विस्तार
उत्तर प्रदेश कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। वे वर्तमान में राजस्व परिषद से संबद्ध चल रहे हैं।
इससे पहले वे शाहजहांपुर में वे एसडीएम के पद पर तैनात थे और वहां वकीलों के एक प्रदर्शन के दौरान धरनास्थल पर उनके उठक-बैठक करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस घटना के बाद सरकार ने उन्हें अटैच कर दिया था और तब से उन्हें नई पोस्टिंग नहीं मिली थी।
राही ने उचित माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में कहा है कि एसडीएम रहते हुए की गई कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने अपने इस्तीफे को नैतिक निर्णय बताया है।
वहीं, अपने तकनीकी त्याग पत्र में लिखा है कि मुझे पहले की तरह समाज कल्याण विभाग की सेवा में भेजने की कृपा करें।
समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए हुआ था हमला
यहां बता दें कि वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए एक बड़े घोटाले को उजागर करने के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह बच गए और बाद में उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी। समाज कल्याण विभाग में सेवा में रहते हुए ही उनका 2023 में आईएएस सेवा में चयन हुआ था।
आईएएस एसोसिएशन को लिखा पत्र
मैं अत्यंत विनम्रतापूर्वक यह मार्गदर्शन चाहता हूं कि मेरी इस प्रार्थना के विचाराधीन रहते हुए, जिसमें मैंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से त्यागपत्र देकर सामाजिक कल्याण विभाग में अपने पूर्व कनिष्ठ पद पर पुनः कार्यभार ग्रहण करने की इच्छा व्यक्त की है। मुझे IAS एसोसिएशन से निष्कासन प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है।
यह अनुरोध मैं इस कारण कर रहा हूं कि एसोसिएशन द्वारा मेरे जैसे कनिष्ठ अधिकारियों के नैतिक एवं कर्तव्यनिष्ठ चिंताओं के प्रति लगातार उदासीनता प्रदर्शित की गई है, जो संस्थागत विवेक के क्रमिक क्षरण को दर्शाती है तथा उस संवैधानिक नैतिकता को कमजोर करती है जिसे यह सेवा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, विशेषकर उन अधिकारियों पर जो निकट भविष्य में इस सेवा में प्रवेश करने वाले हैं।