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UP: 24 साल तक चलता रहा अपहरण का मुकदमा, आरोपी ने पीड़िता से कर ली थी शादी, दोनों के तीन बच्चे भी
Sun, 19 Jul 2026 08:53 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 19 Jul 2026 08:53 AM IST
सार
मामले में घटना के 24 साल बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया था। जबकि, अपहरण के आरोपी ने उसी लड़की से शादी कर ली और दोनों के तीन बच्चे भी हैं। कोर्ट ने उनके वर्तमान पारिवारिक जीवन को देखते हुए उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
2001 में 15 साल की किशोरी के अपहरण के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि मुकदमे में तारीख पर तारीख पड़ना आपराधिक न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं बन सकता।
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24 साल से लंबित मामले की सुनवाई पर कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष और त्वरित सुनवाई का अधिकार है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने, मुकदमे में हुई असाधारण देरी और उनके वर्तमान पारिवारिक जीवन को देखते हुए उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
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बहराइच के इस मामले में घटना के 24 साल बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया था। जबकि, अपहरण के आरोपी ने उसी लड़की से शादी कर ली और दोनों के तीन बच्चे भी हैं।
आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल अग्रिम जमानत की अर्जी पर न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने मुकदमे की सुनवाई में इतनी अधिक देरी को व्यक्ति के त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया। साथ ही बहराइच निवासी आरोपी अजय कुमार और अन्य को अग्रिम जमानत दे दी।