यूपी: अपने खास नेताओं से एक बार फिर नाराज हुईं मायावती, आकाश आनंद के ससुर पर लगे हैं कौन से गंभीर आरोप
UP Assembly elections: चुनाव के ठीक पहले मायावती एक बार फिर से अपने करीबी माने गए नेताओं से नाराज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार मामला टिकट वितरण से जुड़ा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। चार राज्यों के प्रभारी रहे अशोक सिद्धार्थ को अब कभी वापस नहीं लिया जाएगा। राष्ट्रीय समन्वयक रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता के आरोप में बाहर किया गया है।
बसपा में बीते दो दिन काफी उथल-पुथल भरे रहे। शनिवार को मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से चारों राज्यों के प्रभारी पद की जिम्मेदारी वापस ली थी। उन्हें महाराष्ट्र चुनाव में टिकट बंटवारे में तालमेल न करने पर निष्कासित किया गया। अनुशासनहीनता व पार्टी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी निष्कासन का कारण बना। अशोक सिद्धार्थ को एक वर्ष पहले भी पार्टी से बाहर किया गया था। उन्हें दोबारा इस शर्त पर वापस लिया गया कि वे ऐसी गलती नहीं करेंगे। कर्नाटक, ओडिशा व पश्चिम बंगाल से भी उनकी अनुशासनहीनता की खबरें मिलीं। बार-बार चेतावनी के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया। यूपी में उनके लौटने की खबरें जानबूझकर भ्रम फैलाने का षड्यंत्र थीं।
सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी मिली थी। उन्हें भी अनुशासनहीनता और पार्टी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के लिए निष्कासित किया गया। पार्टी ने यह कार्रवाई पार्टी और आंदोलन के हित में की है। उनकी जगह राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पंजाब का दोबारा प्रभारी बनाया गया है। रामजी गौतम आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक यह जिम्मेदारी निभाएंगे।
पार्टी ने लिया नीतिगत फैसला
बसपा ने एक नीतिगत फैसला भी लिया है। यूपी निवासी जिन पदाधिकारियों को अन्य राज्यों की जिम्मेदारी मिली है, वे यूपी में किसी पद पर नहीं रहेंगे। पार्टी ने समर्थकों से शरारती व षड्यंत्रकारी तत्वों से सावधान रहने की अपील की है। ये तत्व यूपी में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनाने के अभियान को भटकाना चाहते हैं। मीडिया से भी मिथ्या एवं गलत तथ्यों को प्रचारित न करने का आग्रह किया गया है।