UP News: केजीएमयू में धर्मांतरण मामले में बवाल, हिंदू संगठन वीसी ऑफिस में घुसे...किया तोड़फोड़
केजीएमयू में धर्मांतरण और यौन शोषण के मामले में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया और वीसी कार्यालय में घुस गए। इस दौरान उन्होंने तोड़फोड़ की और मुर्दाबाद के नारे लगाए।
विस्तार
केजीएमयू में धर्मांतरण के प्रयास के मामले में महिला आयोग की उपाध्यक्ष के कुलपति कार्यालय पहुंचने पर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन के लोगों ने कुलपति कार्यालय का दरवाजा तोड़ दिया। कुलपति के चैंबर में भी तोड़फोड़ की। प्रतिकुलपति डॉ. अपजीत कौर और विशाखा कमेटी की चैयरमैन डॉ. मोनिका कोहली को बंधक बना लिया।
हंगामा, तोड़फोड़ देख कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद पीछे के गेट से निकल गईं। उपद्रवियों ने कुलपति चैंबर के बाहर बैठे कर्मचारियों को दौड़ा लिया। करीब तीन घंटे तक कुलपति कार्यालय में हंगामा चलता रहा। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
राज्य महिला आयोग में केजीएमयू के दो मामले हैं। पहल ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग का दूसरा पैथोलॉजी विभाग में महिला रेजिडेंट के यौन शोषण व धर्मांतरण प्रयास का। ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के मामले की सुनवाई के लिए दो डॉक्टरों को बुलाया गया था। उसके बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को प्रेसवार्ता करनी थी।
अचानक प्रेसवार्ता का स्थान राज्य महिला आयोग के बजाय केजीएमयू कर दिया गया। केजीएमयू में करीब 12 बजे से हिंदू संगठनों के लोग जुटना शुरू हो गए। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की गाड़ी सायरन बजाते हुए कुलपति कार्यालय पहुंची। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी शुरू की और अंदर घुसने का प्रयास करने लगे।
नारेबाजी करते हुए जबरन घुसे
अपर्णा यादव के साथ भीड़ ने कुलपति कार्यालय में दाखिल होने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका। इसके बाद दोनों पक्षों में धक्कामुक्की शुरू हो गई। भीड़ ने दरवाजे और खिड़कियों में हाथ-पैर से धक्के मारे। सुरक्षाकर्मियों की कुर्सी और मेज उलट दी।अंदर कुलपति प्रन्नति संबंधी इंटरव्यू ले रही थीं। इसमें बाहर से विशेषज्ञ भी आए थे। हंगामा देख कुलपति और विशेषज्ञ पीछे के गेट से निकल गए। इसके बाद भीड़ कुलपति कार्यालय में घुस गई। भीड़ का उपद्रव देख बाहर खड़े कर्मचारियों भाग खड़े हुए।
एक घंटे तक दो महिलाओं को बनाए रखा बंधक
कुलपति कार्यालय में मौजूद प्रतिकुलपति डॉ. अपजीत कौर और विशाखा कमेटी की चेयरमैन डॉ. मोनिका कोहली को प्रदर्शनकारियों ने बंधक बना लिया। दोनों डॉक्टरों ने अपर्णा यादव से वार्ता की कोशिश की, लेकिन हंगामे की वजह से बात नहीं हो सकी। करीब एक घंटे बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, ट्रॉमा सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह, भास्कर अग्रवाल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा दोनों महिला डॉक्टरों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब हो सके।
राज्यपाल व सीएम कार्यालय तक पहुंची शिकायत
केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बिना किसी पूर्व सूचना के परिसर में प्रेसवार्ता के लिए पहुंची थीं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। कुलपति के निर्देश पर उनके स्वागत एवं भेंट की व्यवस्था की गई।
समन्वय के लिए एक अतिरिक्त प्रॉक्टर नियुक्त किया गया। उपकुलपति, कुलानुशासक और विशाखा समिति की अध्यक्ष उन्हें ब्रीफ करने के लिए कार्यालय में उपस्थित रहीं। उनके आगमन पर उनसे निवेदन किया गया कि वे अंदर आकर कुलपति से मिल लें, लेकिन उन्होंने अकेले मिलने से इन्कार कर दिया।
वह लगभग 200 लोगों की भीड़ के साथ ही कुलपति से मिलने पर अड़ी रहीं। इससे भीड़ उत्तेजित होती चली गई और तोड़फोड़ करते हुए जबरन कुलपति कार्यालय में घुस गई। नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक कक्षों पर कब्जा कर लिया। तुरंत सूचना राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के कार्यालयों को दी गई।
निर्देश प्राप्त होते ही पुलिस बल पहुंचा और लगभग एक घंटे के प्रयासों के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। इस अराजकता का प्रत्यक्ष प्रभाव विश्वविद्यालय की नियमित गतिविधियों पर पड़ा। उसी भवन में प्रोन्नति के साक्षात्कार चल रहे थे। ऊपरी तल पर एमबीबीएस की परीक्षाएं चल रही थीं। दोनों कार्य बाधित हुए।
हंगामे के मामले में चीफ प्रॉक्टर ने दी तहरीर
केजीएमयू में कुलपति के चैंबर में घुसकर हंगामा करने वालों के खिलाफ चीफ प्रॉक्टर ने चौक थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ आए लोगों ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। चैंबर में तोड़फोड़ किया और कुलपति का सरकारी फोन लेकर चले गए।
तहरीर के मुताबिक शुक्रवार दोपहर में कुलपति प्रेसवार्ता के बाद विभागीय कार्यों के लिए जा रही थीं। निकलते समय कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार पर अज्ञात लोग जमा थे। पता चला कि अपर्णा यादव आने वाली हैं, उन्हीं के समर्थक एकत्र हैं। भीड़ देखकर सुरक्षा बढ़ी दी गई और पुलिस को सूचना दी गई। आरोप है कि कुछ देर बाद अपर्णा यादव की गाड़ी कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंची तो भीड़ उग्र हो गई और कुलपति खिलाफ अभद्र भाषाओं में नारेबाजी शुरू कर दी।
भीड़ ने कुलपति कक्ष के दरवाजे को तोड़ दिया। चैंबर में घुसकर तोड़फोड़ की। कुलपति कार्यालय के ऊपर परीक्षा हॉल में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की लिखित परीक्षा चल रही थी, जिसमें व्यापक रूप से व्यवधान हुआ।
चीफ प्रॉक्टर ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने, महिला शिक्षकों के साथ अभद्रता करने, छात्रों की परीक्षा में व्यवधान करने और परिसर में भय का माहौल पैदा करने की धाराओं में एफआईआर की मांग की है। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव को कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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