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UP: अब कक्षा छह से ही कौशल विकास, यूपी समेत पांच राज्यों में लागू होगा पायलट प्रोजेक्ट

अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 07 May 2026 09:45 AM IST
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सार

उत्तर प्रदेश में अब कौशल आधारित पढ़ाई कक्षा छह से ही शुरू की जाएगी। इसमें स्कूलों को उद्योगों व कौशल विकास संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इनमें स्किल से जुड़ी लैब की स्थापना की जाएगी।

UP: Now skill development from class six onwards, pilot project to be implemented in five states including UP
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अब कक्षा छह से ही स्कूलों में कौशल आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की ओर से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पांच राज्यों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। हाल ही में दिल्ली में हुई इन राज्यों के प्रतिनिधियों की बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई है।

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प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अभी कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण लागू किया गया है। इसमें अत्याधुनिक क्षेत्र की लैब स्थापित कर छात्रों को कौशल विकास से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब कौशल आधारित पढ़ाई कक्षा छह से ही शुरू की जाएगी। इसमें स्कूलों को उद्योगों व कौशल विकास संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इनमें स्किल से जुड़ी लैब की स्थापना की जाएगी। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की दिल्ली में हुई बैठक में यूपी, आंध्र प्रदेश, बिहार, असम व उड़ीसा के अधिकारी शामिल हुए।
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यूपी से इस बैठक में शामिल व्यावसायिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्कूल स्तर से ही छात्रों को कौशल विकास के लिए तैयार किया जाना है। इसमें आईटीआई आदि संस्थानों के साथ मिलकर छात्रों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसी के तहत स्कूलों को भी तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिनमें सामान्य, तकनीकी मिश्रित मॉडल के स्कूल होंगे। साथ ही एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) व नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) को भी प्रभावी बनाया जाएगा।

कई विभागों का होगा एक पूल
इस योजना में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास विभाग, बेसिक, माध्यमिक व उच्च, उद्योग, श्रम विभाग व जिला प्रशासन भी शामिल होगा। यह सभी विभाग एक साथ मिलकर इस योजना पर काम करेंगे। युवाओं को इंडस्ट्री के लिए तैयार करेंगे। अगर उनके बीच में कोई गैप है तो उसे पूरा करेंगे। इन सभी का समन्वय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय करेगा।

रोजगार व उद्योगों के लिए होंगे तैयार
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक एक सहज और प्रभावी रास्ता तैयार करना है। छात्र पढ़ाई करते हुए भी किसी भी स्तर पर उसे छोड़ने का मन बनाए तो उसका कोई नुकसान न हो। वो अपना खुद का काम शुरू कर सकेंगे या उद्योगों में भी जा सकेंगे। वहीं अगर वे इंटर करते हैं तो इसके बाद भी रोजगार के लिए तैयार होंगे।

यह भी खास
- इस केंद्रीयकृत योजना में लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- कौशल विकास के माध्यम से युवा इंडस्ट्री के लिए तैयार होंगे।
- कमियों को दूर कर युवाओं को इंटरप्रेन्योरशिप के लिए तैयार किया जाएगा।
- राज्यों में मुख्य सचिव के नेतृत्व में समन्वय किया जाएगा।
- कौशल विकास के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा।

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