UP: दोगुनी हुईं इंटरनेट उपयोगकर्ता महिलाओं की संख्या, घरेलू हिंसा घटी, आंकड़ों में दिखी आधी आबादी की बादशाहत
सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में इंटरनेट के साथ-साथ महिलाओं की वित्तीय और सामाजिक भागीदारी में भी सुधार दर्ज किया गया है। बैंक खाते का स्वयं उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 75.4 से बढ़कर 83.5 हो गया है।
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एनएफएचएस-5 में जहां केवल 30.6 प्रतिशत महिलाएं इंटरनेट का उपयोग करती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 70% पहुंच गया है। एनएफएचएस-6 की रिपोर्ट 30 मई 2026 को जारी हुई है जबकि एनएफएचएस-5 की रिपोर्ट मई 2022 में जारी हुई थी। सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि इंटरनेट के साथ-साथ महिलाओं की वित्तीय और सामाजिक भागीदारी में भी सुधार दर्ज किया गया है। बैंक खाते का स्वयं उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 75.4 से बढ़कर 83.5 हो गया है।
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मोबाइल फोन का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या भी 46.5 प्रतिशत से बढ़कर 56.4 प्रतिशत पहुंच गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं अब आर्थिक और डिजिटल दोनों स्तरों पर अधिक आत्मनिर्भर हो रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से भी राहत भरी तस्वीर सामने आई है। पति द्वारा कभी न कभी हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 34.9 से घटकर 28.5 फीसदी ही रह गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव
शिक्षा के क्षेत्र में 10 वर्ष या उससे अधिक स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत 39.3 से बढ़कर 42.5 हो गया है। काम के बदले नकद भुगतान प्राप्त करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 15.5 से बढ़कर 21.1 हो गया है। यह महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में वृद्धि दर्शाता है।
| महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रमुख संकेतक | ||
| कार्य की श्रेणी | पहले | अब |
| इंटरनेट का उपयोग | 30.6% | 70% |
| बैंक खाते का उपयोग | 75.4% | 83.5% |
| मोबाइल फोन उपयोग | 46.5% | 56.4% |
| 10 वर्ष या अधिक शिक्षा | 39.3% | 42.5% |
| नकद भुगतान पाने वाली | 15.5% | 21.1% |
घरेलू निर्णयों में सुधार की जरूरत
सर्वेक्षण के अनुसार महिलाओं के लिए कुछ क्षेत्र में अभी भी सुधार की जरूरत है। 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों में स्वच्छ मासिक धर्म सुरक्षा साधनों का उपयोग 72.9% से घटकर 69.2% रह गया है। इसी प्रकार घरेलू निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत भी 87.6 से घटकर 85.9 हो गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री डॉ. पवन मिश्रा का कहना है कि इंटरनेट मनोरंजन के साथ ही सशक्तीकरण का माध्यम है। समय के साथ महिलाओं में इंटरनेट का उपयोग बढ़ा है। वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो रही हैं। आने वाले दिनों में और अधिक सकारात्मक बदलाव नजर आएंगे।
इन श्रेणियों में दर्ज हुई गिरावट
- स्वच्छ मासिक धर्म सुरक्षा साधनों का उपयोग (15-24 वर्ष) : 72.9 प्रतिशत से घटकर 69.2 प्रतिशत
- घरेलू निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी 87.6 प्रतिशत से घटकर 85.9 प्रतिशत