UP: नर्सिंग छात्र ने पहले पिता को किया कॉल, फिर फंदा लगाकर दी जान; दोस्त ने बताई असली वजह
आस पड़ोस के लोगों की मदद से रवि प्रकाश को फंदे से नीचे उतारकर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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मानसिक तनाव से परेशान बीएएसी नर्सिंग के छात्र रवि प्रकाश (23) ने बुधवार रात में फंदा लगा लिया। रवि प्रकाश ने आत्महत्या से पहले पिता राकेश को वीडियो कॉल किया था। राकेश ने इस मामले में बेटे की परिचित एक युवती से पूछताछ की मांग की है। आरोप है कि युवती की वजह से रवि प्रकाश डिप्रेशन में था।
पुलिस के मुताबिक मूल रूप से बस्ती के बाईपोखर निवासी रवि प्रकाश अपने भाई अमित के साथ इंदिरानगर बी ब्लॉक में किराए के मकान में रहते थे। रवि प्रकाश निजी इंस्टीट्यूट में बीएससी नर्सिंग सेकंड ईयर का छात्र था।
राकेश ने बताया कि उनका दूसरा बेटा अमित पॉलिटेक्निक चौराहे के पास एक कंपनी में नौकरी करता है। बुधवार रात 8:29 बजे रवि प्रकाश ने उन्हें वीडियो कॉल किया था। फोन पर उसने बताया था कि मकान मालिक ने कमरा खाली करने के लिए का है।
भाई को फंदे पर लटका देख शोर मचाया
वह कमरे की तलाश कर रहा है। पिता का कहना है कि उनका बेटा कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। बेटे से बातचीत के दौरान घर पर कुछ रिश्तेदार आ गए, जिसके कारण वह रवि प्रकाश से ज्यादा देर तक बात नहीं कर पाए। रात में 10 बजे अमित कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा खुला हुआ था। भीतर जाने पर रवि प्रकाश फंदे पर लटका मिला। भाई को फंदे पर लटका देख अमित ने शोर मचाया।
आस पड़ोस के लोगों की मदद से रवि प्रकाश को फंदे से नीचे उतारकर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमित ने पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन लखनऊ पहुंचे। राकेश के मुताबिक रवि प्रकाश ने चार साल नीट की तैयारी की थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कानपुर की रहने वाली एक युवती से हुई थी।
दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ दिनों से युवती ने रवि प्रकाश से बात करना बंद कर दिया था। युवती बेटे के फोन और मेसेज का जवाब नहीं देती थी, जिससे रवि प्रकाश तनाव में था। आरोप है कि युवती रवि प्रकाश किसी बात को लेकर दबाव बना रही थी। राकेश मेडिकल स्टोर संचालक हैं।
मजदूर ने भी की खुदकुशी
मोहनलालगंज स्थित नेवलखेड़ा के रहने वाले रंजीत (24) ने बुधवार रात में फंदा लगा लिया। रंजीत मजदूरी करते थे। भाई सुजीत ने बताया कि रंजीत कुछ दिन से किसी बात को लेकर काफी डिप्रेशन में था। वह घरवालों से गाली गलौज करने लगा था।यही नहीं, रंजीत अकेले में अनाप शनाप बोलने लगे थे। बृहस्पतिवार तड़के 4:00 बजे जब रंजीत मां उठकर कमरे में गईं तो रंजीत का शव फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार में सुजीत के अलावा पिता मेवालाल और मां आशा देवी हैं।
