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UP Panchayat Elections: पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी, 40 लाख से अधिक नए वोटर बढ़ें; पढ़ें अपडेट
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:06 PM IST
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सार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया। इस बार मतदाताओं को नया नौ अंकों का स्टेट वोटर नंबर भी दिया गया है। सूची जारी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम और अधिसूचना की तैयारियां तेज होने की संभावना है।
पंचायत चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025-26 की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। व्यापक पुनरीक्षण, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन प्रक्रिया के बाद जारी सूची में राज्यभर में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, प्रदेश में कुल 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता दर्ज किए गए हैं। पुनरीक्षण के दौरान 1 करोड़ 81 लाख 96 हजार 367 नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया, जबकि 1 करोड़ 41 लाख 76 हजार 809 मतदाताओं के नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए। इसके परिणामस्वरूप मतदाताओं की संख्या में शुद्ध रूप से 40 लाख 19 हजार 558 की वृद्धि हुई है।
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जारी आंकड़ों के अनुसार लखनऊ जिले में अंतिम मतदाता सूची में 10 लाख 85 हजार 180 मतदाता शामिल हैं। वहीं प्रयागराज में 34 लाख 95 हजार 203, गोरखपुर में 29 लाख 63 हजार 142 और वाराणसी में 17 लाख 93 हजार 504 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियों को गति मिलने की संभावना है। हालांकि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने वर्तमान प्रधानों को छह माह तक प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है।
उधर, पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था तय करने के लिए गठित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। आयोग को जिलावार सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर अपनी रिपोर्ट छह माह के भीतर सरकार को सौंपनी है। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
हालांकि कई जिलों में मतदाता सूची डाउनलोड करने में तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं। निर्वाचन विभाग का कहना है कि इन समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मतदाता आसानी से अपना नाम सूची में देख सकें।