सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Platforms at Lucknow Junction to light up as soon as the train arrives.

UP: लखनऊ जंक्शन पर ट्रेन के आते ही जगमगा उठेंगे प्लेटफॉर्म, एप से कंट्रोल होंगे उपकरण, 3 करोड़ का लगेगा सिस्टम

नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 15 Jun 2026 10:17 AM IST
विज्ञापन
सार

इस सिस्टम को तीन करोड़ रुपये से 18 स्टेशनों पर लगाया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत रात में प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 30 प्रतिशत लाइटें ही जलेंगी। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर एंट्री करते ही बाकी 70 प्रतिशत लाइटें भी स्वतः जल उठेंगी और ट्रेन के रवाना होते ही बंद हो जाएंगी।

UP: Platforms at Lucknow Junction to light up as soon as the train arrives.
चारबाग रेलवे स्टेशन लखनऊ (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने अनूठी पहल की है। अब लखनऊ जंक्शन समेत 18 स्टेशनों पर ट्रेन के आते ही प्लेटफॉर्म रोशनी से जगमगा उठेंगे और ट्रेन के जाते ही लाइटें खुद-ब-खुद बंद हो जाएंगी।



इस सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए आईआर-नियंत्रक एप विकसित किया गया है, जिस पर लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस सिस्टम के तहत रात में प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 30 प्रतिशत लाइटें ही जलेंगी। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर एंट्री करते ही बाकी 70 प्रतिशत लाइटें भी स्वतः जल उठेंगी और ट्रेन के रवाना होते ही बंद हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- महाकुंभ बना था चंदा चोरों के लिए सुनहरा मौका, रोज पार किए 10-15 लाख, आज तफ्तीश करने जाएगी एसआईटी
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - राम मंदिर चंदा विवाद: टिन्नू की तिकड़ी खोल सकती है बड़े राज, पकड़े गए कर्मी मात्र मोहरा; पर्दे के पीछे बड़े खिलाड़ी


यह एप सेंसर आधारित है। रेलवे कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी बिजली के उपकरणों को एप से नियंत्रित कर आपूर्ति शुरू या बंद कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में लखनऊ जंक्शन, गोरखपुर जैसे प्रमुख स्टेशन व अमृत भारत योजना में पुनर्विकसित हो रहे स्टेशनों के नाम शामिल किए जाएंगे। दूसरे चरण में वाराणसी व इज्जतनगर मंडल के स्टेशनों पर इसे शुरू किया जा जाएंगे।

पानी की टंकी भरने में भी होगा इस्तेमाल
एप आधारित सिस्टम से पानी की टंकियां भी भरी जाएंगी। टंकी भरते ही सेंसरों से कंट्रोलरूम को सूचना मिल जाएगी, जिसके बाद लाइट खुद बंद हो जाएगी। लिफ्ट व एस्केलेटर भी एप से नियंत्रित किए जाएंगे। बिजली खपत की मॉनीटरिंग भी होगी।

रियल टाइम मॉनीटरिंग कर सकेगा रेलवे
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह एप रियल टाइम मॉनीटरिंग पर काम करेगा। सेंसर आधारित एप से रेलवे स्टेशन के उपकरणों को जोड़ा जाएगा, जिसे सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स के क्लाउड आधारित केंद्रीकृत सर्वर से लिंक किया जाएगा, जो सिर्फ एक क्लिक पर पूरी रिपोर्ट भी तैयार कर लेगा।

लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे महेश गुप्ता का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सोलर पैनलों से बिजली पैदा करना हो या एप आधारित सिस्टम से बिजली की बचत, पूर्वोत्तर रेलवे ऐसी कोशिशें करता रहा है, जो आगे भी जारी रहेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed