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UP News: महाकुंभ में साइबर हमलों को ध्वस्त करने में कमांड सेंटर की रही अहम भूमिका, 60 लाख हमले किए थे नाकाम
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 13 Jan 2026 10:40 AM IST
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सार
महाकुंभ में साइबर हमलों को ध्वस्त करने में यूपी पुलिस द्वारा स्थापित किए गए इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की भूमिका अहम रही। 60 लाख हमले नाकाम किए गए थे। आगे पढ़ें पूरी जानकारी...
स्नान करते श्रद्धालु, निगरानी के लिए लगाए गए AI कैमरे।
- फोटो : PTI
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विस्तार
यूपी के प्रयागराज में लगे महाकुंभ में स्थापित किए गए इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर(आईसीसीसी) ने 60 लाख साइबर हमलों को रोका था। प्रदेश सरकार की तरफ से इस संबंध में सोमवार को जानकारी साझा की गई। अंदाजा लगाया जा सकता है कि कमांड सेंटर की साइबर हमलों को ध्वस्त करने में कितनी अहम भूमिका रही। यूपी पुलिस के इस कमांड सेंटर को हाल में प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड से नवाजा भी गया है।
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डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि महाकुंभ-25 ने देश-दुनिया में अपनी भव्यता और सुचारू प्रबंधन के लिए सराहना बटोरी। 45 दिनों तक चले इस आयोजन में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसमें यूपी पुलिस के आईसीसीसी ने बहुत ही अहम भूमिका निभाई। सेंटर ने न केवल जमीन पर भीड़ को नियंत्रित किया बल्कि एक्सपर्ट्स की टीमों ने साइबर अपराधियों के मंसूबों को भी नेस्तनाबूद कर दिया। इसमें आईआईटी कानपुर व ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के विशेषज्ञों की भूमिका अहम रही।
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तत्कालीन एडीजी जोन प्रयागराज (वर्तमान एडीजी मेरठ) आईपीएस भानु भास्कर ने बताया कि महाकुंभ की टेक-तैनाती में 56 साइबर वॉरियर्स मॉनिटरिंग में भूमिका निभा रहे थे। जिन्होंने डिजिटल सेफ्टी को सुनिश्चित किया। खास बात ये रही कि साइबर-डिफेंस को केवल “आईटी-इश्यू” नहीं माना बल्कि इसे भीड़-प्रबंधन, इमरजेंसी-रिस्पॉन्स और पब्लिक-ट्रस्ट से सीधे जोड़कर देखा गया। यही वजह रही कि किसी भी तरह की कोई अफवाह या गलत सूचना नहीं फैली।
2750 एआई कैमरों की जद में हुआ महाकुंभ
कमांड सेंटर के जरिये अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बनाने में भूमिका निभाई। स्थल पर 2750 एआई कैमरे लगाए गए थे। चार ऑपरेशनल आईसीसीसी यूनिट, 400 से अधिक कार्मिक, 1920 कॉल-सेंटर, जैम-प्रूफ वायरलेस ग्रिड और 11 भाषाओं वाला एआई चैटबॉट शामिल थे।