UP: एटीएस अफसर बनकर सेवानिवृत्त अफसर व उनकी पत्नी को किया डिजिटल अरेस्ट, वसूले 12.90 लाख
लखनऊ में सेवानिवृत्त दंपती को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर तीन दिन तक डराकर 12.90 लाख रुपये ठग लिए। खुद को अधिकारी बताकर झांसा दिया गया और वीडियो कॉल पर निगरानी रखी गई। डर के कारण उन्होंने रकम ट्रांसफर कर दी। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
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एलआईसी से सेवानिवृत्त अफसर सेक्टर दो इंदिरानगर निवासी महेश चंद्र तिवारी और उनकी पत्नी गीता को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 12 लाख 90 हजार रुपये वसूल लिए। महेश के बेटे दिल्ली आईआईटी में सहायक प्राध्यापक डॉ. सौरभ तिवारी ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों के बैंक खाते खंगाल रही है।
डॉ. सौरभ के मुताबिक, 16 मार्च को अज्ञात नंबर से उनकी मां के पास फोन आया था। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से वाट्स एप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताया। ठग ने दंपती से कहा कि आप दोनों का आधार नंबर, बैंक खाता मनी लांडि्रंग और आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया है। ठग ने महेश को भी फोन किया और उनसे कहा कि इस मामले में कानूनी जांच चल रही है।
जांच पूरी होने तक दंपती किसी से बात नहीं करेंगे और न ही इस संबंध में किसी को कोई जानकारी देंगे। ठगों ने धमकी दी कि अगर उन्होंने किसी से कुछ साझा किया तो तुरंत पुलिस भेजकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फोन करने वाले ने ददंपती को एक ही स्थान पर बैठने और मोबाइल का कैमरा लगातार ऑन रखने के लिए बाध्य किया।
तीन दिन तक करते रहे निगरानी, एफडी तुड़वाई
ठगों ने 16 मार्च को दोपहर तीन बजकर 25 मिनट से 18 मार्च की रात 8:30 बजे तक दोनों को डिजिटल अरेस्ट कर रखा। आरोपी लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी करते रहे। ठगों ने बैंक भेजकर रुपये खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बैंक जाते समय दंपती को धमकाया गया।
ठगों ने कहा कि अगर से कुछ भी बताया तो परिवार के सदस्यों, यहां तक की बच्चों को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। डर के कारण महेश ने फिक्स डिपॉजिट तुड़वाकर 12.90 लाख रुपये ठगों के कर्नाटक स्थित बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी।
पुलिस को उपलब्ध कराए साक्ष्य
पीड़ित ने पुलिस को आरोपियों के बैंक खाते, वाट्स एप चैट, फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं। साइबर थाने के प्रभारी ब्रजेश कुमार के मुताबिक आरोपियों के बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं। ठगों ने एक्सिस बैंक में रकम मंगवाई थी। आरोपियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।