सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Private employees making DLs are being asked to pay in advance before paying their salaries, this is happe

यूपी: डीएल बनाने वाले कर्मियों से सेलरी देने से पहले मांगा जा रहा है एडवांस पैसा, मंत्री तक पहुंचा मामला

नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 11 Jan 2026 09:24 PM IST
विज्ञापन
सार

DL in UP: डीएल बनाने के काम से जुड़े इस निजी कर्मियों का यह मामला परिवहन विभाग से जुड़ा है, जिसकी शिकायत परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह तक पहुंच गई है।

UP: Private employees making DLs are being asked to pay in advance before paying their salaries, this is happe
डीएल बनाने वाले कर्मियों से उगाही का मामला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े काम करने वाले प्राइवेट कर्मियों से सैलरी का पैसा मांगा जा रहा है। 13 हजार रुपये जमा करने पर यही धनराशि उन्हें सैलरी के रूप में देने की बात कही जा रही है। उनसे वेबकैम, कम्प्यूटर खरीदवाए गए हैं, जिसका बिल कंपनी के नाम बनवाने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं ऐसा नहीं करने पर नौकरी से बाहर निकालने की धमकी भी दी जा रही है।

Trending Videos


मामला परिवहन विभाग से जुड़ा है, जिसकी शिकायत परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह तक पहुंच गई है। जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, उनकी प्रिंटिंग, डिलीवरी का कामकाज निजी एजेंसियों के पास है। गत वर्ष तक यह काम स्मार्ट चिप देखती थी। लेकिन अब प्रदेशभर में तीन कंपनियों को यह ठेका दिया गया है। इसमें सिल्वर टच, फोकॉम नेट व रोजमार्टा शामिल हैं। प्रदेशभर में 320 प्राइवेट कर्मी इन कंपनियों के अंतर्गत कार्य करते हैं। शिकायत फोकॉम नेट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


फोकॉम नेट के पास कानपुर व आगरा जोन के करीब 25 जिले हैं, जहां डीएल के कामकाज के लिए करीब 120 प्राइवेटकर्मियों को भर्ती किया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि फोकॉम के प्रोजेक्ट मैनेजरों तुषार गर्ग व सुभाष गिरी ने उनसे कम्प्यूटर, वेबकैम व अन्य सिस्टम खरीदवाए। फिर इसका बिल कंपनी के नाम बनवाने का दबाव डालने लगे। इतना ही नहीं प्रोजेक्ट मैनेजरों ने कर्मचारियों से तनख्वाह का पैसा मांगा। कहा गया कि तनख्वाह का पैसा पहले भेजना होगा, फिर कंपनी की ओर से यही पैसा सैलरी के रूप में दिया जाएगा। ऐसा प्रतिमाह करना होगा। सूत्र बताते हैं कि आगरा जोन में कई प्राइवेटकर्मियों ने सैलरी के 13 हजार रुपये प्रोजेक्ट मैनेजरों को भेजे भी। हालांकि सुभाष गिरी का कहना है कि प्राइवेटकर्मी जानबूझकर उन्हें फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि तुषार गर्ग ने मामले पर बात करने से इनकार कर दिया।

लखनऊ के होटल में हुई थी बैठक
निजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजरों ने कर्मचारियों पर दबाव डालने के उद्देश्य से हाल ही में लखनऊ के एक होटल में बैठक भी बुलाई थी। जहां उन्होंने कम्प्यूटर, वेबकैम के बिल कंपनी के नाम बनवाने तथा सैलरी का पैसा खातों में जल्द से जल्द भेजने का फरमान जारी किया था। बैठक की जानकारी परिवहन आयुक्त कार्यालय में होने पर प्रोजेक्ट मैनेजरों को फटकार भी लगाई गई थी।

कर्मियों के पास वीडियो, रिकॉर्डिंग
सूत्र बताते हैं कि डीएल से जुड़े काम करने वाली एजेंसियों के अधिकतर कर्मचारियों से भर्ती के नाम पर वसूली हुई है। ऐसे में कर्मचारियों ने उन पर दबाव बनाने वाले प्रोजेक्ट मैनेजरों के खिलाफ मुखर होने का निर्णय लिया है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर वीडियो व कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की बात कह रहे हैं।

होगी जांच, गिरेगी गाज

UP: Private employees making DLs are being asked to pay in advance before paying their salaries, this is happe
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
फोकॉम नेट के प्राइवेटकर्मियों की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं। शोषण के खिलाफ जांच कराई जाएगी। इतना ही नहीं दोषी पाए जाने पर संबंधितों पर गाज गिरेगी।  -दयाशंकर सिंह, परिवहन मंत्री

नपेंगे प्रोजेक्ट मैनेजर
कर्मचारियों से सिस्टम खरीदवाने व उसका बिल कंपनी के नाम बनवाने की शिकायत गंभीर है। तनख्वाह कंपनी की ओर से दी जाती है। इसके लिए कर्मचारियों से पैसे नहीं लिए जा सकते। प्रोजेक्ट मैनेजरों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -निलय रॉय, हेड, फोकॉम नेट

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed