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UP: विधान सभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर मायावती बोलीं- जनसमस्याओं पर कोई जोर नहीं दिखा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Mon, 09 Feb 2026 02:46 PM IST
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सार
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। इस पर बसपा प्रमुख मायावती ने असंतोष जताते हुए कहा कि भाषण में महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर अपेक्षित जोर नहीं दिया गया।
मायावती
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल के विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को संबोधन के साथ शुरू हुआ। हालांकि मायावती ने राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर असंतोष जताया और इसे परंपरागत व अपेक्षाकृत औपचारिक बताया।
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उन्होंने कहा कि अभिभाषण में प्रदेश के विकास और सर्वसमाज के उत्थान की बात तो की गई, लेकिन आम जनता से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर अपेक्षित स्पष्टता और संवेदनशीलता नहीं दिखी। उनका आरोप है कि प्रदेश में करोड़ों लोग महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज माननीया राज्यपाल द्वारा विधानमण्डल के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधन की संसदीय परम्परा से शुरू हुआ, किन्तु उनका यह भाषण परम्परा से हटकर प्रदेश के विकास व सर्वसमाज के उत्थान सहित व्यापक जनहित में वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता।…
— Mayawati (@Mayawati) February 9, 2026
जनता को अपने जान-माल और धार्मिक सुरक्षा को लेकर आशंकाएं सता रही हैं, जिन पर राज्यपाल के संबोधन में सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे को लेकर अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और हंगामा भी किया।
अभिभाषण में सरकार द्वारा किए गए जनहित और जनकल्याण से जुड़े वादों व घोषणाओं की प्रगति का ठोस विवरण नहीं दिया गया, जिससे आम लोगों में निराशा है। विपक्ष का मानना है कि इन मुद्दों को आगामी बजट भाषण में समुचित रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि जनता को राहत और भरोसा मिल सके।