UP: अस्थिकलश स्थानांतरण की खबरें पूरी तरह भ्रामक, मंत्री ने दी सफाई- बाबा साहेब का अस्थिकलश यथावत सुरक्षित
उत्तर प्रदेश में यूपीटीईटी परीक्षा देने वाले शिक्षकों को विशेष अवकाश मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक टीईटी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने से शिक्षकों को बिना प्रशासनिक बाधा परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। शिक्षक संगठनों ने निर्णय का स्वागत किया।
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बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश को लेकर विभिन्न माध्यमों में प्रसारित हो रही चर्चाओं के बीच प्रदेश सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विधानभवन के समक्ष स्थित आम्बेडकर महासभा परिसर में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश के संबंध में संस्कृति विभाग या प्रदेश सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का स्थानांतरण संबंधी निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्थिकलश अपने वर्तमान स्थान पर पूरी गरिमा के साथ यथावत सुरक्षित है। इसे स्थानांतरित किए जाने संबंधी समाचार पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि सरकार का पूरा ध्यान भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृतियों, विचारों और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर केंद्रित है।
इसी उद्देश्य से लखनऊ स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र, ऐशबाग का चरणबद्ध तरीके से विकास कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बाबा साहेब से जुड़े सभी स्थलों को गरिमापूर्ण स्वरूप देने और उन्हें सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहे
उन्होंने बताया कि ऐशबाग में निर्माणाधीन लगभग 16.20 करोड़ की लागत से स्मारक परिसर के बाह्य विकास, फसाड और हॉर्टीकल्चर से जुड़े कार्य तेजी से चल रहे हैं। परियोजना की भौतिक प्रगति करीब 85 प्रतिशत हो चुकी है। बाउंड्रीवाल, स्टोन क्लैडिंग, तीन गेटों एवं तीन गार्ड रूम के स्ट्रक्चर, तोरण द्वार तथा प्रतिमा के पैडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मुख्य प्रवेश द्वार का अधिकांश कार्य भी पूर्ण हो गया है, जबकि आंतरिक मार्ग, ड्रेनेज सिस्टम, म्यूरल वर्क और उद्यान विकास के शेष कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इसके अतिरिक्त लगभग 43.69 करोड़ की लागत से भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र के मुख्य निर्माण कार्य पहले ही पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत कार्यालय भवन, बेसमेंट, प्रतिमा हेतु फाउंडेशन, सब-स्टेशन, पम्प रूम, गार्ड रूम, आंतरिक सड़क, सीवर लाइन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया गया है।
परियोजना की लगभग 90 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी
वहीं लगभग 44.43 करोड़ की लागत से 500 सीट क्षमता वाले अत्याधुनिक प्रेक्षागृह एवं ऑडिटोरियम की आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना की लगभग 90 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र के संग्रहालय के आंतरिक विकास कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। यह कार्य उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पाेरेशन द्वारा कराया गया, जिसकी 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है।
इस परियोजना पर लगभग 3.24 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिससे संग्रहालय को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है। इस परियोजना को 31 जुलाई 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर देश के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उनके सम्मान और स्मृतियों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अस्थिकलश के संबंध में किसी भी प्रकार की अपुष्ट अथवा भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। सरकार बाबा साहेब की विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र के विकास कार्य भी निर्धारित योजना के अनुसार निरंतर जारी हैं।