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यूपी: पार्टी से नाराज नेताओं को वापस लाने की मुहिम में जुटेगी सपा, अखिलेश का दूत बनकर जाएंगे नेता
Sun, 18 Oct 2026 09:54 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 18 Oct 2026 09:54 PM IST
सार
UP Assembly Elections: यूपी विधानसभा चुनावों के ठीक पहले सपा अपने पुराने नेताओं को फिर से पार्टी में लाने की कोशिशें शुरू करेगी। इसके लिए शीष नेतृत्व उनसे बात भी करेगा।
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अखिलेश यादव।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सपा ने सियासी समीकरणों को साधने और चुनावी जमीन को मजबूत करने के लिए एक बड़ी रणनीति तैयार की है। पार्टी ने भितरघात की आशंकाओं और पिछले चुनावों के कड़वे अनुभवों से सबक लेते हुए रूठे नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए एक विशेष राज्यव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है। समाजवादी पार्टी का मानना है कि अपनों की नाराजगी चुनाव के वक्त भारी पड़ सकती है, इसलिए इस बार चुनाव से पहले ही हर एक असंतुष्ट चेहरे को गले लगाने की तैयारी है।
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रणनीति के तहत समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तय किया है कि प्रदेश के हर जिले में पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर पदाधिकारियों को विशेष दूत के रूप में भेजा जाएगा। ये नेता जिलास्तर पर जाकर उन तमाम छोटे-बड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय दिग्गजों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे जो किसी न किसी वजह से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। उनकी शिकायतों को सुनना, उन्हें सम्मान दिलाना और पार्टी की मुख्यधारा में दोबारा पूरी सक्रियता के साथ वापस लाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होगा।
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इस अभियान में जमीन पर उतारे गए वरिष्ठ नेताओं की टीम जरूरत पड़ने पर नाराज नेताओं की सीधी बात पार्टी नेतृत्व से भी कराएगी। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सपा ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों की हार से सबक लेते हुए यह रणनीति तैयार की है। पिछले चुनाव में कई सीटों पर अपनों की नाराजगी और समय रहते उन्हें न मना पाने के कारण पार्टी को उम्मीद से ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था और मामूली अंतर से कई सीटें हाथ से निकल गई थीं। इस बार सपा कोई भी जोखिम मोल लेने के मूड में नहीं है। अब सपा का यह अभियान कितना सफल होता है, यह तो भविष्य ही बताएगा।
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