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UP: यूपी में पान मसाला-खैनी का कर संग्रह 60 करोड़ तक घटा, राज्यकर के 59 में से 34 सेक्टरों में दर्ज हुई गिरावट
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 12 Dec 2025 10:10 AM IST
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सार
उत्तर प्रदेश में वित्तवर्ष 2024-25 में राज्यकर के 59 में से 34 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, वाहन, उपभोक्ता वस्तुओं और विद्युत उपकरण सेक्टर में सकारात्मक बढ़ोतरी हुई है।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राज्यकर विभाग में वर्ष 2024-25 में कर संग्रह की स्थिति मिलीजुली रही। तंबाकू से जुड़े उत्पादों में जहां गिरावट दर्ज की गई, वहीं कई प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ोतरी ने कुल राजस्व को संबल दिया। रिपोर्ट में कुल 59 व्यावसायिक क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें से 34 क्षेत्रों में गिरावट जबकि 25 क्षेत्रों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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आंकड़ों के अनुसार तंबाकू उत्पाद (जिसमें पान मसाला, खैनी और चबाने वाला तंबाकू शामिल हैं) से वर्ष 2023-24 में 601.53 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था। यह 2024-25 में घटकर 541.51 करोड़ रुपये रह गया। इस श्रेणी में 9.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह पिछले वर्ष पान मसाला और तंबाकू सेक्टर पर की गई सख्ती को माना जा रहा है।
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वहीं तंबाकू क्षेत्र के भीतर ही सिगरेट ने अलग राह पकड़ी। वर्ष 2023-24 में सिगरेट से 435.34 करोड़ रुपये का कर मिला था, जो 2024-25 में बढ़कर 490.42 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह सिगरेट में 12.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि सिगरेट की यह मजबूती, कुल तंबाकू उत्पादों की गिरावट की भरपाई नहीं कर सकी।
मोबाइल उपकरण और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल उपकरण, उर्वरक, निर्माण अनुबंध, दूरसंचार जैसे कई बड़े क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई जिसका असर कुल कर संग्रह पर पड़ा। इसके बावजूद वाहन, उपभोक्ता वस्तुएं, विद्युत उपकरण, रत्न-आभूषण और सिगरेट जैसे क्षेत्रों की बढ़ोतरी ने राजस्व को संतुलन में रखा। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि पान मसाला और तंबाकू उत्पाद दबाव में हैं, जबकि सिगरेट और कुछ अन्य मजबूत क्षेत्र आय का स्रोत बने हुए हैं। गिरावट वाले क्षेत्रों के लिए नीतिगत सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है।
बढ़ोतरी वाले प्रमुख क्षेत्र
चार पहिया और उससे बड़े वाहन: 5686.26 करोड़ से बढ़कर 5895.26 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 3.68 प्रतिशत
दो पहिया वाहन : 1933.72 करोड़ से बढ़कर 2058.17 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 6.44 प्रतिशत
दैनिक उपभोग की वस्तुएं : 2921.61 करोड़ से 3080.36 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 5.43 प्रतिशत
विद्युत उपकरण और सामग्री: 2229.65 करोड़ से बढ़कर 2374.61 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 6.50 प्रतिशत
इलेक्ट्रॉनिक सामान : 1097.27 करोड़ से बढ़कर 1239.96 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 13 प्रतिशत
रत्न और आभूषण: 427.27 करोड़ से बढ़कर 558.97 करोड़ रुपये, तेज उछाल 30.82 प्रतिशत
बीमा और बैंकिंग : 1400.39 करोड़ से बढ़कर 1572.32 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 12.28 प्रतिशत
खाद्य तेल : 376.53 करोड़ से बढ़कर 422.01 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 12.08 प्रतिशत
शीतल पेय: 801.01 करोड़ से बढ़कर 815.50 करोड़ रुपये, बढ़ोतरी 1.81 प्रतिशत