{"_id":"697b7a67575173d6e70da0df","slug":"up-three-days-later-the-government-receives-the-resignation-of-gst-deputy-commissioner-prashant-kumar-who-w-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: तीन दिन बाद शासन को मिला जीएसटी उपायुक्त प्रशांत कुमार का इस्तीफा, लिखा- मैं केवल वेतन वाला रोबोट नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: तीन दिन बाद शासन को मिला जीएसटी उपायुक्त प्रशांत कुमार का इस्तीफा, लिखा- मैं केवल वेतन वाला रोबोट नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Thu, 29 Jan 2026 08:49 PM IST
विज्ञापन
सार
अयोध्या के जीएसटी उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा तीन दिन बाद शासन को मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के समर्थन में इस्तीफा देने की बात कही और खुद को वेतन लेने वाला रोबोट नहीं बताया। इस बीच फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी के आरोपों की जांच के आदेश दिए गए हैं।
उपायुक्त कर अयोध्या प्रशांत सिंह
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन
विस्तार
अयोध्या के जीएसटी उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा तीन दिन बाद शासन के पास पहुंच गया। इस्तीफे में उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्ररानन्द पर समाज को बांटने और जहर घोलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा की बात कहते हुए लिखा है कि वह कोई रोबोट नहीं हैं जो केवल वेतन लेते रहें और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी सुनते रहें। इस बीच फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी के आरोपों की जांच के लिए सीएमओ और महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी गई है।
Trending Videos
प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल के नाम जारी इस्तीफे में लिखा है कि शंकराचार्य भोले भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध खड़ा कर रहे हैं। वो जातिवाद का जहर घोल रहे हैं और यूपी को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगे लिखा है कि वह सरकारी सेवक के साथ संवेदनशील व्यक्ति भी हैं और प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई गलत टिप्पणी होगी तो मन आहत होगा। त्यागपत्र में लिखा है कि वह शंकराचार्य के विरोध में और प्रदेश सरकार के समर्थन में त्यागपत्र दे रहे हैं।
इस बीच फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी करने के आरोपों पर सीएमओ और महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी गई है। मौजूदा हालात में पैनल बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद पाया गया कि गलत सर्टिफिकेट से नौकरी पाई है तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की नियमावली के तहत आयोग के अधिकार क्षेत्र में मामला जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की राय के बाद कार्यवाही पर फैसला लिया जाएगा। अभी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भी शासन ने मांगी है।
