UP: राजधानी के दो उपकेंद्र ठप, एक लाख आबादी बिजली-पानी को तरसी; ओवर लोडिंग के कारण होती रही कटौती
दो बिजली उपकेंद्रों में तकनीकी खराबी आने से हजारों उपभोक्ताओं की बिजली कई घंटे तक बाधित रही। बिजली गुल होने से कई इलाकों में पेयजल संकट भी गहरा गया। मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन अधिक लोड के कारण कटौती जारी रही। फॉल्ट की वजह पुराने विद्युत जोड़ बताए गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी में दो 33 केवी उपकेंद्र ठप होने से एक लाख आबादी को बिजली और पानी से जूझना पड़ा। पहले हरिहरपुर उपकेंद्र मंगलवार आधी रात के बाद दो बजे और फिर बुधवार तड़के चार बजे अर्जुनगंज उपकेंद्र से कुल 15 हजार उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो गई। हालांकि, सुबह 8:30 बजे दोनो उपकेंद्र की बिजली तो चालू कर दी गई, मगर ओवर लोडिंग होने के कारण कटौती का दौर काफी देर तक चला।
अधिशासी अभियंता धमेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि हरिहरपुर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से बिजली ठप हुई तो उसे अर्जुनगंज उपकेंद्र से चालू करने की रात को ही कोशिश हुई, मगर सफलता नहीं मिल सकी। इससे हरिहरपुर उपकेंद्र की 4000 और अर्जुनगंज के 11 हजार उपभोक्ता बिजली संकट की चपेट में आ गए। 4000 उपभोक्ताओं को साढ़े छह घंटे और अर्जुनगंज को साढ़े चार घंटे के बाद बिजली मिल सकी।
पेयजल संकट से परेशानी
उपभोक्ताओं ने बताया कि दोनो उपकेंद्र इलाकों में पेयजल बिजली पर ही निर्भर है। बिजली न होने के कारण परिवार पानी को तरस जाते हैं। अर्जुनगंज 15-16 और हरिहरपुर के 10-12 इलाकों को बुधवार पानी के लिए तरसना पड़ा।
पुराने जोड़ खुलने से दिक्कत
उधर, उपकेंद्र कर्मियों ने बताया कि अर्जुनगंज और हरिहरपुर उपकेंद्र की जिन दो 33 केवी लाइन में फॉल्ट आया, उसकी वजह पुराने जोड़ का खुलना है। कर्मियों ने कहा कि ठेकेदारों की तरफ से सही तरीके से काम न किए जाने कारण बारिश होते ही जोड़ में पानी जाने से फॉल्ट उत्पन्न हो रहे हैं।