फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: UP RERA's new rules on society maintenance funds fix builder accountability; flat buyers to benefit signif

UP: सोसायटी रखरखाव निधि पर यूपी रेरा के नए नियम, बिल्डरों की जवाबदेही तय; फ्लैट खरीदारों को मिलेगा बड़ा लाभ

Sat, 01 Aug 2026 11:32 AM IST
Akash Dwivedi अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 01 Aug 2026 11:32 AM IST
सार

यूपी रेरा ने सोसायटी रखरखाव निधि के संग्रह और हस्तांतरण के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब बिल्डरों को राशि अलग खाते में रखकर ब्याज सहित आरडब्ल्यूए को सौंपनी होगी। इससे फ्लैट खरीदारों के हित सुरक्षित होंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और रखरखाव से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

विज्ञापन
UP: UP RERA's new rules on society maintenance funds fix builder accountability; flat buyers to benefit signif
फ्लैट खरीदार - प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

फ्लैट खरीदने के बाद सोसायटी के रखरखाव को लेकर बिल्डर, खरीदारों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के बीच होने वाले विवादों पर अब लगाम लग सकेगी। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने ब्याज-मुक्त मेंटेनेंस सुरक्षा निधि (आईएफएमएस) के संग्रह, संरक्षण और हस्तांतरण के लिए स्पष्ट व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत बिल्डर को यह राशि अलग बैंक खाते में रखनी होगी और आरडब्ल्यूए या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के गठन के बाद ब्याज सहित संबंधित संस्था को हस्तांतरित करना अनिवार्य होगा।

विज्ञापन


यूपी रेरा ने सामान्य विनियमों में संशोधन कर आईएफएमएस के संग्रह और उपयोग की प्रक्रिया निर्धारित की है। आईएफएमएस वह एकमुश्त राशि है, जो फ्लैट की रजिस्ट्री या कब्जा सौंपते समय खरीदार से ली जाती है। यह मासिक मेंटेनेंस शुल्क से अलग होती है। 

विज्ञापन

 

इसलिए इस निधि का प्रावधान किया गया

इसका उपयोग लिफ्ट बदलने, मोटर की मरम्मत, बाहरी रंग-रोगन, पंप, विद्युत व्यवस्था व अन्य साझा परिसंपत्तियों के रखरखाव और पूंजीगत कार्यों के लिए किया जाता है। नियमित मासिक मेंटेनेंस शुल्क से ऐसे बड़े खर्च पूरे नहीं हो पाते, इसलिए इस निधि का प्रावधान किया गया है।

नई व्यवस्था के अनुसार आईएफएमएस की राशि निर्धारित बैंक में अलग खाते में जमा करनी होगी। इसका उपयोग किसी अन्य परियोजना या बिल्डर के सामान्य कारोबारी खर्चों में नहीं किया जा सकेगा। आरडब्ल्यूए या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के गठन के बाद पूरी राशि और उस पर अर्जित ब्याज संबंधित संस्था को सौंपना होगा। इसके बाद इस कोष का संचालन आरडब्ल्यूए करेगी और बिल्डर की भूमिका समाप्त हो जाएगी।

यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि अब तक कई परियोजनाओं में बिल्डर खरीदारों से आईएफएमएस की राशि वसूलने के बावजूद आरडब्ल्यूए के गठन के बाद भी उसे पूरी तरह हस्तांतरित नहीं करते थे। इससे लिफ्ट, पंप, सुरक्षा व्यवस्था व अन्य साझा सुविधाओं के रखरखाव को लेकर विवाद पैदा होते थे और खरीदारों को अतिरिक्त चंदा जुटाना पड़ता था। नई व्यवस्था से घर खरीदारों के हित सुरक्षित होंगे, सोसायटी प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और रखरखाव कार्यों के लिए धन की कमी नहीं रहेगी।

 

रेरा में स्वैच्छिक पंजीकरण का बढ़ा चलन, संपत्तियों को मिल रहा बेहतर मूल्य

उत्तर प्रदेश में ऐसी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की संख्या बढ़ रही है, जो कानूनी रूप से रेरा के दायरे में नहीं आतीं, फिर भी स्वैच्छिक रूप से पंजीकरण करा रही हैं। इसकी वजह खरीदारों का बढ़ता भरोसा, बैंकों से ऋण मिलने में आसानी और संपत्तियों का बेहतर बाजार मूल्य है। रेरा अधिनियम के अनुसार आठ या अधिक इकाइयों वाली अथवा 500 वर्गमीटर से बड़े भूखंड पर विकसित परियोजनाओं का पंजीकरण अनिवार्य है। 

जिन मॉल या व्यावसायिक परिसरों में स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं होता, वे रेरा के दायरे से बाहर हैं। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों की परियोजनाओं पर रेरा लागू होता है जबकि टाउन एरिया, नगर निगम और जिला पंचायत क्षेत्रों के कई निर्माण कार्य अनिवार्य श्रेणी में नहीं आते।

इसके बावजूद इन क्षेत्रों के बिल्डर स्वैच्छिक पंजीकरण करा रहे हैं। खरीदार रेरा पंजीकरण संख्या पूछते हैं और बैंक भी बिना पंजीकरण वाली परियोजनाओं में गृह ऋण देने से बचते हैं। रेरा पंजीकरण के बाद परियोजनाओं का बाजार मूल्य भी बिना पंजीकरण वाली संपत्तियों की तुलना में करीब डेढ़ गुना तक अधिक मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed