'यूपी को बनाएंगे आम आदमी का एआई केंद्र': यूनिकार्न इनमोबी के संस्थापक नवीन बोले-दस साल में मेरा ये है टारगेट
यूनिकार्न इनमोबी के संस्थापक नवीन तिवारी ने यूपी को आम आदमी का एआई केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है। आईआईटी कानपुर को 30 करोड़ का दान देकर उन्होंने तकनीक, समाज और नीति को जोड़ने की पहल की है।
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आईआईटी कानपुर के वर्ष 2000 बैच के छात्रों ने अपने संस्थान को 100 करोड़ रुपये दिए हैं। इसमें देश के पहले यूनिकार्न इनमोबी के संस्थापक नवीन तिवारी ने सर्वाधिक 30 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इसे संस्थान के इतिहास में किसी पूर्व छात्र द्वारा दिया गया सबसे बड़ा दान माना जा रहा है।
नवीन ने विशेष बातचीत में बताया कि उनका जन्म आईआईटी कानपुर में ही हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगलूरू के बाद इनमोबी का सबसे बड़ा संचालन केंद्र लखनऊ में स्थापित किया गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि यूपी तकनीकी नवाचारों का भविष्य केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सिर्फ उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके जरिये सीधे आम नागरिक के जीवन में लाभ पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे।
सिर्फ भावनाओं से व्यापार नहीं चलता
इनमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कृषि तकनीकी व स्थानीय उद्योग आदि प्रमुख हैं। हम एआई को सीधे आम आदमी तक लेकर जाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार के कामकाज पर कहा कि सिर्फ भावनाओं से व्यापार नहीं चलता। सरकार का सक्रिय सहयोग जरूरी है और उत्तर प्रदेश में यह मिल रहा है।
नवीन ने बताया कि आईआईटी कानपुर में मिलेनियम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी की स्थापना होगी। इसका उद्देश्य है कि तकनीकी शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना और नीति निर्माण को तकनीकी अनुसंधान का हिस्सा बनाना है।
उन्होंने कहा कि स्वचालित वाहन व कारखाने विकसित करने में चीन और अमेरिका की प्रणालियां यहां नहीं चलेंगी। भारत की संस्कृति और व्यवस्था के अनुरूप स्वचालन प्रणाली विकसित करनी होगी और शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी।
अगले दस साल में 1000 करोड़ का कोष तैयार करना लक्ष्य
नवीन ने बताया कि आईआईटी के करीब तीन सौ पूर्व छात्र, जो विभिन्न देशों में उच्च पदों पर हैं, इस अभियान से जुड़ेंगे। वे धन के साथ समय व अनुभव भी देंगे। फिलहाल 100 करोड़ रुपये सिर्फ नींव है। अगले दस साल में 1000 करोड़ रुपये का कोष तैयार करना लक्ष्य है। जिससे दुनिया का श्रेष्ठ प्रौद्योगिकी विद्यालय आईआईटी कानपुर में बनेगा।
इसी के साथ यूपी विश्व स्तर का तकनीकी केंद्र बनेगा। कानपुर व लखनऊ क्षेत्र गहन तकनीक (डीप टेक) केंद्र बनेगा। नवाचार, अनुसंधान, उद्यम और नीति निर्माण एक साथ आगे बढ़ेंगे। प्रदेश का तकनीकी विकास वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित करेगा।
