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UP News: दूध उत्पादन में पश्चिमी यूपी अव्वल, बुंदेलखंड पीछे; बुलंदशहर प्रदेश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक जिला

चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 20 Apr 2026 08:41 AM IST
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सार

दूध उत्पादन में पश्चिमी यूपी अव्वल है, जबकि बुंदेलखंड काफी पीछे है। वहीं, बुलंदशहर प्रदेश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक जिला बना है। अब विभाग यूपी में हर जिले में भरपूर दूध उत्पादन के प्रयास में जुटा है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

Western UP Leads in Milk Production Bundelkhand Lags Behind Bulandshahr Largest Milk-Producing District in up
दूध उत्पादन में पश्चिमी यूपी अव्वल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश में दूध उत्पादन के मामले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश 50 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है। इसमें बुलंदशहर पूरे प्रदेश में नंबर एक है। वहीं, बुंदेलखंड पांच से सात फीसदी की हिस्सेदारी के साथ बहुत पीछे है। अब प्रदेश सरकार की ओर से हर जिले में पर्याप्त दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बड़ी डेयरी के साथ ही छोटी डेयरी का भी विकास किया जाएगा। संबंधित क्षेत्र की जलवायु के अनुसार उन्नत किस्म की भैंस और गाय की नस्ल को बढ़ावा दिया जाएगा।
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प्रदेश में सहकारी समितियों के साथ ही निजी कंपनियां भी गांव-गांव दुग्ध कलेक्शन सेंटर खोल रही हैं। यहां 10 वर्ष में करीब 40 फीसदी की बढोत्तरी के साथ दूध उत्पादन करीब 388 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है। कुल उत्पादन में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की है। बुलंदशहर में सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन होता है। 
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इसी तरह पूर्वांचल की हिस्सेदारी करीब 31 फीसदी, मध्य यूपी की 14 फीसदी और बुंदेलखंड की पांच से सात फीसदी ही है। इस अंतर को कम करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने प्रयास शुरू कर दिया है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत करीब एक हजार करोड़ खर्च करके जिलेवार दूध उत्पादन और आपूर्ति की चेन विकसित की जा रही है।

इसलिए टॉप पर है बुलंदशहर

बुलंदशहर में दूध का सहकारी और निजी दोनों तरह का नेटवर्क है। दिल्ली, एनसीआर से नजदीकी उत्पादकों को अच्छा मुनाफा दिलाती है। यहां की जमीन चारा उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त है। यहां मुर्रा भैंस और शाहीवाल गाय पर अधिक जोर है। अब इस नस्ल को प्रदेश के अन्य हिस्सों की डेयरी में भी पहुंचाया जा रहा है।

पिछड़े बुंदेलखंड को आगे लाने का प्रयास

बुंदेलखंड में कम पानी की वजह से चारे का संकट रहता था। ऐसे में यहां दूध उत्पादन कम रहा है, लेकिन अब नस्ल सुधार के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। यहां दूध उत्पादक कंपनियां लगी हैं। अभी सात जिलों में प्रतिदिन करीब 2.30 लाख लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि बांदा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता का नया प्लांट लगाया जाएगा। झांसी में चल रहे 10 हजार लीटर क्षमता के प्लांट को विस्तारित करके 30 हजार लीटर प्रतिदिन किया जाएगा।

महिलाओं का हो रहा सशक्तिकरण

प्रदेश में डेयरी कारोबार से करीब चार लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रदेश सरकार की ओर से समूह में यह कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बुंदेलखंड में महिलाओं के डेयरी कारोबार से जुड़ने की गति तेज है। यहां करीब एक लाख से अधिक महिला किसान इससे जुड़ गई हैं। प्रति पशु औसत दूध उत्पादन बढ़कर 4.0 लीटर प्रतिदिन हो गया है।
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