फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Who instigated it? Who was Manas's coach?

सवाल : किसने उकसाया, कौन था मानस का कोच

Wed, 26 Aug 2026 02:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:32 AM IST
विज्ञापन
Who instigated it? Who was Manas's coach?
दिव्या की फाइल फोटो।
लखनऊ। पत्नी दिव्या, बहन तूलिका की हत्या के बाद खुद को गोली मारकर जान देने वाले बैंक अफसर मानस बाजपेयी का मददगार कौन था। दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े किए हैं। प्रज्ञा का कहना है कि आखिर मानस को किसने उकसाया और उसका कोच कौन था? उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर 25 सवाल किए हैं। इसमें पुलिस की भूमिका पर भी सवाल हैं।
विज्ञापन

प्रज्ञा ने दिव्या की ओर से मांगी गई रकम को हर्जाना बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हर्जाना और स्त्री धन अलग-अलग होते हैं। स्त्री धन वह संपत्ति या सामान है, जो महिला को शादी से पहले, शादी के समय या शादी के बाद मिलता है और उस पर महिला का अधिकार होता है। उन्होंने कहा कि दिव्या का मामला काउंसिलिंग स्तर पर चल रहा था।
विज्ञापन

प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि दिव्या की ओर से कितनी रकम के स्त्री धन की मांग की गई थी। अगर यह राशि डेढ़ करोड़ रुपये थी तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिव्या के माता-पिता ने शादी में कितना स्त्री धन दिया होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रज्ञा का सवाल है कि जिस व्यक्ति के घर पर एक बांस की मजबूत लाठी भी नहीं थी, उसके घर पर दो पिस्तौल और एक तमंचा कहां से आया? जो बाजार से पकाने के लिए एक बार में सारी जरूरी सब्जियां नहीं ला सकता था, उसे असलहे कहां से मिले? कौन से हथियार किसकी हत्या में इस्तेमाल हुए? आखिर किसने उसे इस जघन्य अपराध के लिए तैयार किया? आरोप है कि कोई ऐसा व्यक्ति है जो उसे भड़काता था। व्हाट्सएप स्टेटस में चीट शब्द का इस्तेमाल क्या पुलिस को भटकाने के लिए लिखा गया?

तीसरे व्यक्ति की भूमिका की आशंका
प्रज्ञा ने यह भी सवाल उठाया कि दिव्या की हत्या के बाद मानस कहां रुका था और क्या उस दौरान उसके साथ कोई और व्यक्ति मौजूद था। उन्होंने मानस के घर में किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी की संभावना की भी जांच की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है दिव्या की हत्या मानस ने की हो लेकिन मानस और तूलिका की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही हो। प्रज्ञा का कहना है कि बैंक में काम करने वाले मानस की पहुंच किसी हथियार गिरोह तक थी तो यह गंभीर मामला है। लखनऊ को सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस को ऐसे नेटवर्क की भी जांच करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed