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'तुम मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसोगे': यूपी में एफसीआई से सेवानिवृत्त अधिकारी-पत्नी 19 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट

Tue, 18 Aug 2026 06:21 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 18 Aug 2026 06:21 PM IST
सार

लखनऊ में साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी और उनकी पत्नी को 19 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 42 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने दंपती को एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बताया और फर्जी दस्तावेज भेजकर डराया। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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'You will get implicated in a money laundering case': Retired FCI officer and his wife in UP held under 'digit
डिजिटल अरेस्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैसरबाग के लालबाग निवासी एफसीआई से सेवानिवृत्त अधिकारी अंसार जमाल अब्बासी व उनकी पत्नी को साइबर जालसाजों ने 19 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा, फिर 42 लाख वसूल लिए। ठगों ने दंपती को जेट एयरवेज के मालिक मनीष गोयल के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी बताया था। पीड़ित की तहरीर पर 14 अगस्त को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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दर्ज एफआईआर के जरिये अंसार जमाल ने बताया कि 23 जुलाई को दोपहर करीब 1:32 बजे उनके पास व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आई। फोन करने वाला न बताया कि पुलवामा हमले के मामले में कुछ आतंकवादी पकड़े गए थे। पूछताछ में उन्होंने मनीष गोयल का नाम बताया था। ठग ने कहा कि उसके पास से मिले दस्तावेजों की जांच में पता चला कि तुम्हारे नाम से सिम कार्ड खरीदा गया है। 
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तुम्हारे नाम पर कर्नाटक स्थित आईसीआईसीआई बैंक में खाता भी है। इसलिए तुम दोषी हो, मगर वरिष्ठ नागरिक होने के नाते तुम्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, मगर तुम और तुम्हारी पत्नी डिजिटल अरेस्ट की जा रही है। इसके बाद ठग ने अंसार से पूछताछ शुरू कर दी, जो रात दस बजे तक चली। उसने सभी बैंक खातों, एफडी और पत्नी के गहनों की जानकारी ले ली।

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एनआईए के भेजे फर्जी दस्तावेज

ठग ने बीच में उन्हें एनआईए के दस्तावेज भी व्हाट्सएप पर भेज दिए। अंत में ठग ने कॉल काट दी। आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब दस बजे उनके पास व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। इस बार बात दूसरे ठग ने की, जिसने खुद को एटीएस पूणे का अधिकारी बताया। उसने कहा कि आपका केस ट्रांसफर हो गया है। अब मामले की जांच सीबीआई ऑफिसर करेंगे और हाईकोर्ट के जज से तुमसे बात करेंगे।

 

मोबाइल पर जैमर लगाने की कही बात

ठग ने पीड़ित से कहा कि तुमसे फिर से पूछताछ की जाएगी, फिर तुम जमानत के लिए याचिका दायर करोगे। डरे सहमे दंपती बात पर राजी हो गए। जालसाजों ने कहा तुम्हारे मोबाइल पर जैमर लगा दिया गया है। तुम किसी से कोई बात नहीं कर सकोगे। कुछ देर बाद जालसाजों ने पूछताछ का जाल फेंका, जो दस अगस्त को खत्म हुआ। इस बीच आरोपियों ने जांच के बहाने उनसे कई बार में 42 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने दस अगस्त की रात करीब दस बजे कॉल काट दी। 

एक पल में सब खो जाने के कारण अंसार और उनकी पत्नी सदमे में आ गई। उन्होंने किसी तरह से हिम्मत जुटाई और पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक रॉव ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। पीड़ित की रकम फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया जा रहा है।

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