बगलामुखी मंदिर विवाद: सांसद, SDM और तहसीलदार ने भी अशासकीय समिति को दान में दी चांदी, कलेक्टर ने गठित की टीम
आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में अशासकीय समिति द्वारा सोना, चांदी और नकद दान संग्रह का मामला जांच के घेरे में है। समिति के बैंक लॉकर में 29 किलो चांदी, 105 ग्राम सोना और लाखों रुपये मिले हैं।
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आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में अशासकीय समिति द्वारा सोना, चांदी और नकद दान एकत्रित किए जाने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है। इस बीच यह भी सामने आया है कि मंदिर में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने वाले कुछ जिम्मेदार अधिकारियों के नाम भी दानदाताओं की सूची में दर्ज हैं।
मंदिर परिसर में लगाए गए दानदाताओं के शिलालेख में समिति के गठन के समय पदस्थ एसडीएम मिलिंद ढोके और तत्कालीन तहसीलदार प्रीति भिसे आखरे के नाम भी शामिल हैं। सूची में राजगढ़ सांसद रोडमल नागर सहित देशभर के श्रद्धालुओं के नाम दर्ज हैं। सांसद रोडमल नागर ने कहा कि सरकार मामले की जांच करा रही है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिलालेख में 500 ग्राम या उससे अधिक चांदी दान करने वाले श्रद्धालुओं के नाम अंकित हैं। कई दानदाताओं ने सवा लाख रुपये से लेकर 25-30 हजार रुपये तक नकद राशि भी दी है। कुल 170 दानदाताओं के नाम सूची में दर्ज हैं, जिन्होंने 500 ग्राम से अधिक चांदी या बड़ी नकद राशि दान की है।
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समिति द्वारा एकत्रित चांदी से मां बगलामुखी मंदिर के गर्भगृह में चांदी की परत चढ़ाई जा चुकी है, जबकि वर्तमान में सभामंडप के रजत सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। योजना के अनुसार गर्भगृह और सभामंडप में कुल 500 किलो चांदी का उपयोग किया जाना है। समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
जांच के दौरान समिति ने बताया कि उसके बैंक लॉकर में 29 किलो चांदी और 105 ग्राम सोना सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा लाखों रुपये की राशि भी जमा है। जांच दल को इनकी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
दानदाताओं का कहना है कि उन्होंने पूरी श्रद्धा से मां बगलामुखी मंदिर के रजत सौंदर्यीकरण के लिए चांदी दान की है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सचिन मोर्य ने कहा कि मंदिरों में दान और चढ़ावे को लेकर किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है तथा अनावश्यक रूप से नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा है। दानदाता मधुलिका श्रीवास्तव ने भी कहा कि उनके परिवार ने माता के प्रति आस्था के चलते चांदी दान की है।
समिति के गठन के समय पदस्थ एसडीएम मिलिंद ढोके ने एक किलो चांदी, तत्कालीन तहसीलदार प्रीति भिसे आखरे ने एक किलो चांदी, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर ने एक किलो 200 ग्राम चांदी तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष सचिन मोर्य ने एक किलो चांदी दान की थी। ऐसे में यह मामला धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया और दान संग्रह की वैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
