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Balaghat News: सरपंच संग 90 हजार रुपये की डील, फिर पड़ गई पुलिस की रेड; दो कथित कर्मी रंगेहाथ पकड़े गए
Sat, 25 Jul 2026 12:49 PM IST
बालाघाट ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: बालाघाट ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:49 PM IST
सार
बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का भय दिखाकर पंचायत सरपंचों से कथित तौर पर जबरन वसूली करने के आरोप में दो कथित कर्मियों को पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को एक सरपंच से 90 हजार रुपये लेते समय पकड़ा गया।
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जानकारी देते एसपी
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विस्तार
बालाघाट जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का भय दिखाकर पंचायत सरपंचों से कथित तौर पर जबरन वसूली करने वाले दो कथित मीडिया कर्मियों को पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान संजय अजीत और अंकुश चौहान के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के सामने एक सरपंच से 90 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ जबरन वसूली समेत एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मोटी रकम की मांग की जाती थी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि वे पंचायत प्रतिनिधियों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का डर दिखाकर उन्हें बंद कराने या वापस कराने का झांसा देते थे। इसके बदले में मोटी रकम की मांग की जाती थी।
जांच के दौरान पुलिस को कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। आरोप है कि संजय अजीत रिश्वत की रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय अपनी पत्नी और अन्य युवकों के मोबाइल नंबरों पर फोन-पे और गूगल-पे के माध्यम से ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने व्हाट्सएप चैट, ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
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ऐसे बिछाया जाल
शिकायतों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। रिश्वत के लिए दिए जाने वाले 90 हजार रुपए के नोटों के सीरियल नंबर पहले ही दर्ज कर लिए गए थे। तय योजना के अनुसार पीड़ित सरपंच ने दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के सामने आरोपियों को रकम सौंपी। जैसे ही दोनों ने पैसे लिए, पहले से तैनात पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
ये भी पढ़ें- Panna News: शराबी ने थाने से उड़ाई पुलिस की बोलेरो, आठ लोगों को रौंदा; अब टीआई ने मामले में तोड़ी चुप्पी
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की वसूली का नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। साथ ही डिजिटल लेन-देन और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
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मोटी रकम की मांग की जाती थी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि वे पंचायत प्रतिनिधियों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का डर दिखाकर उन्हें बंद कराने या वापस कराने का झांसा देते थे। इसके बदले में मोटी रकम की मांग की जाती थी।
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जांच के दौरान पुलिस को कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। आरोप है कि संजय अजीत रिश्वत की रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय अपनी पत्नी और अन्य युवकों के मोबाइल नंबरों पर फोन-पे और गूगल-पे के माध्यम से ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने व्हाट्सएप चैट, ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
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ऐसे बिछाया जाल
शिकायतों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। रिश्वत के लिए दिए जाने वाले 90 हजार रुपए के नोटों के सीरियल नंबर पहले ही दर्ज कर लिए गए थे। तय योजना के अनुसार पीड़ित सरपंच ने दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के सामने आरोपियों को रकम सौंपी। जैसे ही दोनों ने पैसे लिए, पहले से तैनात पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की वसूली का नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। साथ ही डिजिटल लेन-देन और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
