Cough Syrup: सिरप पीने के बाद ढंग से पानी भी नहीं पी पाया मेरा बच्चा... पिता की आंखों से छलका बेटे का दर्द
कलमेश्वरा गांव में तीन साल के मासूम कबीर यादव की मौत ने सभी को झकझोर दिया। पिता कैलाश यादव ने बेटे का इलाज कराने के लिए जमीन तक गिरवी रख दी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए और लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच सकी।
विस्तार
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला विकासखंड से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने तीन साल के मासूम बेटे की जान बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। इलाज के लिए अपनी जमीन गिरवी रखी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन आखिर में किस्मत ने साथ नहीं दिया।
यह मामला कलमेश्वरा गांव के कैलाश यादव और उनके बेटे कबीर यादव (3 वर्ष 11 माह) से जुड़ा है। कैलाश बताते हैं कि बच्चे को अगस्त के तीसरे सप्ताह में सर्दी-खांसी और हल्का बुखार हुआ था। स्थानीय स्तर पर सुधार नहीं होने पर वह 24 अगस्त को बेटे को छिंदवाड़ा जिले के परासिया में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी के पास लेकर गए।
डॉक्टर ने बच्चे को कुछ दवाइयां और एक Coldrif सिरप लिखी। परिजनों के मुताबिक सिरप देने के बाद ही बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चे ने दूध और पानी पीना बंद कर दिया, शरीर सूजने लगा और बार-बार उल्टियां होने लगीं।
इलाज की क्रमवार मेडिकल हिस्ट्री
- 24-25 अगस्त: परासिया में डॉ. प्रवीण सोनी से पहला इलाज हुआ। सिरप और दवाइयां दी गईं।
- 26 अगस्त: बच्चे की हालत बिगड़ने पर दोबारा डॉ. सोनी के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने आगे जांच के लिए डॉ. ठाकुर के पास भेजा।
- 27 अगस्त: डॉ. ठाकुर ने जांच के बाद बच्चे को छिंदवाड़ा के डॉ. नाहर के पास रेफर किया।
- 28–30 अगस्त: स्थिति बिगड़ने पर परिजन बच्चे को नागपुर लेकर गए।
- 3 सितंबर: बैतूल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की किडनी में दिक्कत है और क्रिएटिनिन लेवल बढ़ा हुआ है।
- 5 सितंबर: हालत और खराब होने पर एम्स भोपाल रेफर किया गया।
- 8 सितंबर: बच्चे की मौत हो गई।
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इस पूरे मामले को लेकर कबीर के पिता कैलाश का कहना है कि मैंने बेटे को बचाने के लिए हर कोशिश की। परासिया से लेकर भोपाल तक इलाज कराया। जमीन गिरवी रखकर चार लाख रुपये का कर्ज लिया, ऊपर से 50 हजार और उधार लिए। फिर भी मेरा बच्चा नहीं बचा। डॉक्टर ने जो Coldrif सिरप दी थी, उसी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। कैलाश का कहना है कि उनका बेटा पहले से बिल्कुल स्वस्थ था। सिरप देने के बाद ही उसके शरीर में सूजन और यूरिन बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दिए। भोपाल के डॉक्टरों ने भी बताया कि बच्चे की किडनी फेल हो चुकी थी।
जांच टीम को सौंपी दवा
कैलाश यादव ने जांच टीम को Coldrif सिरप की बची हुई शीशी और दो अन्य दवाओं की बोतलें सौंपी हैं। इन्हें अब फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
दवाइयों के नमूने लैब भेजे जा रहे हैं
सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि आमला विकासखंड के कलमेश्वरा और जामुन बिछुआ गांव में दो बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं। दोनों का इलाज परासिया में एक ही डॉक्टर के पास हुआ था। फिलहाल जांच की जा रही है। दवाइयों के नमूने एकत्र कर लैब भेजे जा रहे हैं।

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