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Bhojshala: सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला से सटे परिसर में शुक्रवार की नमाज की दी अनुमति, सरकार को दिए ये आदेश

Thu, 30 Jul 2026 04:45 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/धार Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 30 Jul 2026 04:45 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला परिसर से सटी खसरा नंबर 596 स्थित दरगाह भूमि पर मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की अनुमति दी है। मध्य प्रदेश सरकार को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने आपसी सहमति से वैकल्पिक स्थान तलाशने का विकल्प भी खुला रखा है।

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Bhojshala Case Supreme Court Allows Friday Prayers at Adjacent Dargah Complex
सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिमों को राहत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने अहम आदेश में मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला परिसर के समीप स्थित दरगाह की जमीन मुस्लिमों को जुमे 'शुक्रवार' की नमाज के लिए आवंटित कर दी। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह दरगाह की इस जमीन पर हर शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच मुस्लिमों को नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित करे। 
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सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया। पीठ ने कहा कि इस आदेश के बाद भी राज्य सरकार व मुस्लिम पक्ष परस्पर सहमति से जुमे की नमाज के लिए दूसरे स्थान की तलाश भी कर सकते हैं। इससे पहले 14 जुलाई को पीठ ने याचिका का फैसला होने तक भोजशाला के पास की खुली जमीन जुमे की नमाज के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।  
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इसके बाद मुस्लिम समाज की ओर से हाजी मुनीर अहमद ने शीर्ष कोर्ट से शिकायत की थी कि अदालत के आदेश के बाद भी उन्हें नमाज के लिए वैकल्पिक जगह मुहैया नहीं कराई गई है और धार जिला प्रशासन उन्हें भोजपशाला परिसर से करीब 1.3 किलोमीटर दूर जमीन उपलब्ध करा रहा है। जबकि नमाज की जगह इतनी पास होना चाहिए कि मुस्लिम आसानी से वहां जाकर नमाज अदा कर सकें। 
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ये भी पढ़ें- भोजशाला: प्रशासन ने मुस्लिम प्रतिनिधियों से की चर्चा, नमाज को लेकर नहीं बन सकी बात; SC में 29 जुलाई को सुनवाई


खसरा नंबर 596 की जमीन आवंटित
अदालत ने जुमे की नमाज के लिए खसरा नंबर 596 की जमीन आवंटित की है। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साइट प्लान का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संबंधित भूमि तक अलग और स्वतंत्र पहुंच मार्ग उपलब्ध है, इसलिए यह स्थान उपयुक्त प्रतीत होता है। साथ ही अदालत ने कहा कि यह भूमि विवादित परिसर के बिल्कुल समीप स्थित है।

हाईकोर्ट ने भोजशाला को हिंदू धर्म स्थल माना 
बता दें, 15 मई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला कमाल मौला मस्जिद परिसर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इस परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित वाग्देवी मंदिर घोषित किया था। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व विभाग 'एएसआई' के दशकों पुराने आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें इस परिसर में मुस्लिमों को जुमे की नमाज की इजाजत दी गई थी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र और एएसआई भोजशाला परिसर के प्रबंधन व प्रशासन के बारे में फैसला लें।


 
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