{"_id":"6a20f3dc1c62adbdc304e737","slug":"30-year-old-pipeline-bursts-in-bhopal-water-crisis-persists-into-fourth-day-tankers-deployed-to-vip-areas-as-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल में 30 साल पुरानी लाइन फटीः पानी का संकट चौथे दिन भी बरकरार, VIP इलाकों में पहुंचे टैंकर, जनता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल में 30 साल पुरानी लाइन फटीः पानी का संकट चौथे दिन भी बरकरार, VIP इलाकों में पहुंचे टैंकर, जनता परेशान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 04 Jun 2026 09:12 AM IST
विज्ञापन
सार
कोलार वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट की 30 साल पुरानी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन फटने से भोपाल की करीब 5 लाख आबादी चौथे दिन भी जल संकट से जूझती रही। नगर निगम ने 70 टैंकरों से राहत पहुंचाने का दावा किया, लेकिन वीआईपी इलाकों में अधिक टैंकर भेजे जाने को लेकर सवाल उठे हैं।
कोलार पाइप लाइन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
कोलार वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट की 30 साल पुरानी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन फटने से राजधानी में पैदा हुआ जल संकट चौथे दिन भी बना रहा। शहर की करीब 5 लाख आबादी इसकी चपेट में है। नियमित जलापूर्ति ठप होने से लोगों को टैंकरों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस बीच टैंकर वितरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि चार इमली और तुलसी नगर जैसे वीआईपी इलाकों में अपेक्षाकृत अधिक टैंकर भेजे गए, जबकि कई सामान्य कॉलोनियों में लोग पानी के लिए परेशान होते रहे। सोमवार को सनखेड़ी के पास कोलार परियोजना की मुख्य पाइपलाइन फटने के बाद नगर निगम को शहर के बड़े हिस्से में जलापूर्ति रोकनी पड़ी थी। इसके बाद से हजारों परिवारों की दिनचर्या प्रभावित है। चार दिन बीतने के बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।
वीआईपी इलाकों में ज्यादा टैंकर भेजने पर सवाल
नगर निगम के जलकार्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ज़ोन-8 के अंतर्गत आने वाले चार इमली और तुलसी नगर क्षेत्रों में दो दिनों के दौरान करीब 200 से 250 टैंकर ट्रिप किए गए। इन इलाकों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य प्रभावशाली लोग निवास करते हैं। दूसरी ओर कई प्रभावित कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि उन्हें जरूरत के अनुरूप टैंकर नहीं मिल पाए। कई क्षेत्रों में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ जगहों पर निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ा।
70 टैंकरों से राहत देने का दावा
नगर निगम का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में 70 टैंकर लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन करीब 490 ट्रिप कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक पानी की उपलब्धता और जरूरत के अनुसार टैंकर भेजे जा रहे हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर लोगों की शिकायतें अलग तस्वीर पेश कर रही हैं।
विज्ञापन
शहर के बड़े हिस्से में असर
कोलार लाइन में आई खराबी का असर शाहजहानाबाद, निशातपुरा, भोपाल टॉकीज, गिन्नौरी, शाहपुरा, त्रिलंगा, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर, कोलार, नेहरू नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर, गुलमोहर समेत दर्जनों इलाकों पर पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच लगातार चौथे दिन पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
यह भी पढ़ें-नमामि गंगे के तहत मां क्षिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने 81 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी
मरम्मत पूरी, लेकिन सप्लाई अब भी शुरू नहीं
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पूरी कर ली गई है। फिलहाल थ्रस्ट ब्लॉक निर्माण और तकनीकी परीक्षण का काम चल रहा है। परीक्षण के बाद ही लाइन में पानी छोड़ा जाएगा और नियमित जलापूर्ति बहाल हो सकेगी। महापौर मालती राय ने भी मरम्मत स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी तक भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सामान्य जलापूर्ति कब तक शुरू होगी।
पुरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
तीन दशक पुरानी पाइपलाइन के फटने से राजधानी की जलापूर्ति व्यवस्था की तैयारियों और रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एक पाइपलाइन फटने से शहर की करीब 5 लाख आबादी प्रभावित होना इस बात का संकेत है कि जलापूर्ति नेटवर्क के आधुनिकीकरण की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
यह भी पढ़ें-मानसून की दस्तक से पहले मौसम मेहरबान, 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, होगी ओलावृष्टि
निगम ने आरोपों से किया इनकार
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त तन्मय वी. शर्मा ने कहा कि टैंकर वितरण में किसी भी क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। जहां समस्या अधिक है, वहां अतिरिक्त टैंकर भेजे जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षण पूरा होते ही जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
वीआईपी इलाकों में ज्यादा टैंकर भेजने पर सवाल
नगर निगम के जलकार्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ज़ोन-8 के अंतर्गत आने वाले चार इमली और तुलसी नगर क्षेत्रों में दो दिनों के दौरान करीब 200 से 250 टैंकर ट्रिप किए गए। इन इलाकों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य प्रभावशाली लोग निवास करते हैं। दूसरी ओर कई प्रभावित कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि उन्हें जरूरत के अनुरूप टैंकर नहीं मिल पाए। कई क्षेत्रों में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ जगहों पर निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
70 टैंकरों से राहत देने का दावा
नगर निगम का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में 70 टैंकर लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन करीब 490 ट्रिप कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक पानी की उपलब्धता और जरूरत के अनुसार टैंकर भेजे जा रहे हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर लोगों की शिकायतें अलग तस्वीर पेश कर रही हैं।
Trending Videos
शहर के बड़े हिस्से में असर
कोलार लाइन में आई खराबी का असर शाहजहानाबाद, निशातपुरा, भोपाल टॉकीज, गिन्नौरी, शाहपुरा, त्रिलंगा, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर, कोलार, नेहरू नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर, गुलमोहर समेत दर्जनों इलाकों पर पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच लगातार चौथे दिन पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
यह भी पढ़ें-नमामि गंगे के तहत मां क्षिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने 81 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी
मरम्मत पूरी, लेकिन सप्लाई अब भी शुरू नहीं
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पूरी कर ली गई है। फिलहाल थ्रस्ट ब्लॉक निर्माण और तकनीकी परीक्षण का काम चल रहा है। परीक्षण के बाद ही लाइन में पानी छोड़ा जाएगा और नियमित जलापूर्ति बहाल हो सकेगी। महापौर मालती राय ने भी मरम्मत स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी तक भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सामान्य जलापूर्ति कब तक शुरू होगी।
पुरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
तीन दशक पुरानी पाइपलाइन के फटने से राजधानी की जलापूर्ति व्यवस्था की तैयारियों और रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एक पाइपलाइन फटने से शहर की करीब 5 लाख आबादी प्रभावित होना इस बात का संकेत है कि जलापूर्ति नेटवर्क के आधुनिकीकरण की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
यह भी पढ़ें-मानसून की दस्तक से पहले मौसम मेहरबान, 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, होगी ओलावृष्टि
निगम ने आरोपों से किया इनकार
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त तन्मय वी. शर्मा ने कहा कि टैंकर वितरण में किसी भी क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। जहां समस्या अधिक है, वहां अतिरिक्त टैंकर भेजे जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षण पूरा होते ही जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

कमेंट
कमेंट X