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Bhoapl News: बीएमएचआरसी में हाईटेक होगी रेडियोलॉजी, 10 साल का करार, सीटी-एमआरआई सेवाएं होंगी दुरुस्त
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 11 Feb 2026 07:00 PM IST
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सार
बीएमएचआरसी ने रेडियोलॉजी सेवाओं को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के साथ 10 वर्ष का अनुबंध किया है। इसके तहत अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी, एमआरआई व अन्य जांचों का संचालन कंपनी करेगी और विशेषज्ञ स्टाफ तैनात होगा। इससे वेटिंग लिस्ट घटेगी, रिपोर्ट समय पर मिलेगी और आपात स्थिति में भी जांच प्रक्रिया तेज होगी।
बाएमएचआरसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गंभीर बीमारियों के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती समय पर सटीक जांच की होती है। कई बार सीटी स्कैन और एमआरआई की लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण मरीजों का इलाज टल जाता है। अब भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) ने इस स्थिति को बदलने के लिए बड़ा और दीर्घकालिक फैसला लिया है। अस्पताल ने भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के साथ 10 वर्ष का महत्वपूर्ण अनुबंध किया है, जिसके तहत रेडियोलॉजी और इमेजिंग सेवाओं को पूरी तरह आधुनिक और व्यवस्थित किया जाएगा।
अत्याधुनिक सीटी स्कैन और डिजिटल सिस्टम
इस करार के तहत बीएमएचआरसी में नई पीढ़ी की अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की जाएगी। साथ ही मौजूदा एमआरआई और अन्य रेडियोलॉजी उपकरणों का संचालन, रखरखाव और संपूर्ण प्रबंधन एचएलएल के जिम्मे रहेगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे मशीनों की खराबी, तकनीकी बाधाओं और रिपोर्ट में देरी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती, वेटिंग लिस्ट पर असर
प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार कंपनी की ओर से एक रेडियोलॉजिस्ट और आवश्यक तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। इससे जांचों की लंबी कतार कम होगी और मरीजों को रिपोर्ट समय पर मिल सकेगी। आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों की जांच और रिपोर्ट दोनों में तेजी लाई जाएगी, जिससे उपचार में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
इलाज की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक मशीनें और पेशेवर प्रबंधन मिलकर जांच प्रक्रिया को अधिक सटीक और तेज बनाएंगे। इससे कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को तुरंत निदान मिलेगा और उपचार शीघ्र शुरू हो सकेगा। एक ही परिसर में बेहतर इमेजिंग सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों की भागदौड़ भी कम होगी।
यह भी पढ़ें-DPI में रिटायरमेंट के अगले दिन ही दोबारा पोस्टिंग? कांग्रेस ने खोला मोर्चा,विधानसभा में गूंजेगा मामला
स्वास्थ्य केंद्रों को भी मिलेगा बड़ा लाभ
बीएमएचआरसी से जुड़े स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षों पुरानी एक्स-रे मशीनों को हटाकर तीन नई डिजिटल एक्स-रे मशीनें लगाई जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता की जांच संभव होगी। मरीजों को छोटे-छोटे टेस्ट के लिए मुख्य अस्पताल तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
यह भी पढ़ें-कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी बनेगी AIIMS की खास बुकलेट, इलाज की उलझनों के बीच अब मिलेगी सही राह
दीर्घकालिक सुधार की दिशा में कदम
10 साल का यह अनुबंध केवल मशीनें बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अस्पताल की कार्यप्रणाली में स्थायी सुधार की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। बेहतर तकनीक, विशेषज्ञ मानव संसाधन और सुव्यवस्थित प्रबंधन के साथ बीएमएचआरसी अपनी रेडियोलॉजी सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में है।
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अत्याधुनिक सीटी स्कैन और डिजिटल सिस्टम
इस करार के तहत बीएमएचआरसी में नई पीढ़ी की अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की जाएगी। साथ ही मौजूदा एमआरआई और अन्य रेडियोलॉजी उपकरणों का संचालन, रखरखाव और संपूर्ण प्रबंधन एचएलएल के जिम्मे रहेगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे मशीनों की खराबी, तकनीकी बाधाओं और रिपोर्ट में देरी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
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विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती, वेटिंग लिस्ट पर असर
प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार कंपनी की ओर से एक रेडियोलॉजिस्ट और आवश्यक तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। इससे जांचों की लंबी कतार कम होगी और मरीजों को रिपोर्ट समय पर मिल सकेगी। आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों की जांच और रिपोर्ट दोनों में तेजी लाई जाएगी, जिससे उपचार में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
इलाज की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक मशीनें और पेशेवर प्रबंधन मिलकर जांच प्रक्रिया को अधिक सटीक और तेज बनाएंगे। इससे कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को तुरंत निदान मिलेगा और उपचार शीघ्र शुरू हो सकेगा। एक ही परिसर में बेहतर इमेजिंग सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों की भागदौड़ भी कम होगी।
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स्वास्थ्य केंद्रों को भी मिलेगा बड़ा लाभ
बीएमएचआरसी से जुड़े स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षों पुरानी एक्स-रे मशीनों को हटाकर तीन नई डिजिटल एक्स-रे मशीनें लगाई जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता की जांच संभव होगी। मरीजों को छोटे-छोटे टेस्ट के लिए मुख्य अस्पताल तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
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दीर्घकालिक सुधार की दिशा में कदम
10 साल का यह अनुबंध केवल मशीनें बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अस्पताल की कार्यप्रणाली में स्थायी सुधार की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। बेहतर तकनीक, विशेषज्ञ मानव संसाधन और सुव्यवस्थित प्रबंधन के साथ बीएमएचआरसी अपनी रेडियोलॉजी सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में है।

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