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स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 : भोपाल में बैक लेन,नाले और बाजारों की गंदगी पर BMC का फोकस, महापौर ने संभाला मोर्चा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 19 May 2026 03:03 PM IST
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सार
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की टीम के भोपाल दौरे से पहले नगर निगम ने शहर में सफाई और सौंदर्यीकरण अभियान तेज कर दिया है। महापौर मालती राय ने न्यू मार्केट में रात्रिकालीन सफाई अभियान चलाकर तैयारियों का जायजा लिया। निगम का फोकस बैक लेन, खुले नाले, बाजारों की गंदगी और विजिबल क्लीनलीनेस पर है।
महापौर मालती राय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की टीम के अगले दो दिनों में भोपाल पहुंचने की संभावना के बीच नगर निगम ने शहर को चमकाने के लिए अंतिम दौर की तैयारियां तेज कर दी हैं। राजधानी में अब सफाई, सौंदर्यीकरण और विजिबल क्लीनलीनेस पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसी बीच महापौर मालती राय खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रही हैं। सोमवार रात महापौर ने न्यू मार्केट में रात्रिकालीन सामूहिक सफाई अभियान चलाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं मंगलवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत जोन-12 स्थित एमपी नगर जोन-1 में सुलभ शौचालय का निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान जोन अध्यक्ष आरती अनेजा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और नगर निगम का अमला मौजूद रहा।
विजिबल क्लीनलीनेस पर सबसे ज्यादा जोर
जानकारी के मुताबिक इस बार आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण में जमीन पर दिखाई देने वाली सफाई को सबसे अहम पैरामीटर बनाया है। इसी वजह से नगर निगम बैक लेन, नालों, कचरा पॉइंट और सार्वजनिक स्थलों की सफाई पर विशेष अभियान चला रहा है। न्यू मार्केट से लेकर कोलार, एमपी नगर और अन्य प्रमुख इलाकों में दीवारों पर पेंटिंग, सड़क किनारे सफाई और सौंदर्यीकरण के काम तेजी से किए जा रहे हैं। पंजाबी बाग समेत कई इलाकों की बैक लेन में सफाई और रंगाई का काम पूरा किया गया है।
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बाजारों की गंदगी बनी सबसे बड़ी चुनौती
नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में फैला कचरा है। सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन के अनुसार बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और स्ट्रीट फूड जोन जैसे क्षेत्रों में दिन में दो बार सफाई जरूरी होगी। इस पैरामीटर के लिए सबसे ज्यादा अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा बैक लेन की गंदगी, खुले नाले और सार्वजनिक स्थानों पर पान-गुटखे के दाग भी निगम के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। निर्माण स्थलों पर लगाए गए बैरिकेड्स कई जगह पीकदान में तब्दील हो चुके हैं, जिससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।
यह भी पढ़ें-पांच दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, उज्जैन में सबसे मंहगा हुआ पेट्रोल
इन पैरामीटर पर तय होगी भोपाल की रैंकिंग
ऑन ग्राउंड असेसमेंट - 10,500 अंक
सिटीजन फीडबैक
विजिबल क्लीनलीनेस - 1,500 अंक
ओडीएफ /ओडीएफ++/वॉटर प्लस – 1,000 अंक
कचरा मुक्त शहर स्टार रेटिंग - 1,000 अंक
यह भी पढ़ें-मुझे बहुत घुटन हो रही है मां’, ट्विशा की संदिग्ध मौत मामले में वायरल चैट में एक और नया खुलासा
बैक लेन और सफाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी
घरों और दुकानों के पीछे की गलियों यानी बैक लेन की सफाई और रखरखाव के लिए अलग से अंक निर्धारित किए गए हैं। निगम अब इन इलाकों में रंगाई-पुताई, सफाई और कचरा हटाने का अभियान चला रहा है। साथ ही सार्वजनिक स्थलों और दीवारों को पान-गुटखे के दाग और खुले में पेशाब के निशानों से मुक्त रखने के लिए भी विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि लगातार चल रहे सफाई अभियान, मॉनिटरिंग और जनजागरूकता गतिविधियों के जरिए भोपाल इस बार बेहतर रैंक हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
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बाजारों की गंदगी बनी सबसे बड़ी चुनौती
नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में फैला कचरा है। सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन के अनुसार बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और स्ट्रीट फूड जोन जैसे क्षेत्रों में दिन में दो बार सफाई जरूरी होगी। इस पैरामीटर के लिए सबसे ज्यादा अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा बैक लेन की गंदगी, खुले नाले और सार्वजनिक स्थानों पर पान-गुटखे के दाग भी निगम के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। निर्माण स्थलों पर लगाए गए बैरिकेड्स कई जगह पीकदान में तब्दील हो चुके हैं, जिससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।
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