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Bhopal News: राम मंदिर में वित्तीय गड़बड़ियों पर कांग्रेस आक्रामक,सीबीआई जांच की मांग,आंदोलन की चेतावनी
Wed, 24 Jun 2026 09:43 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 24 Jun 2026 09:43 PM IST
सार
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, चंदे के उपयोग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पीसीसी में प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस के धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी, प्रदेश संयोजक शिवनारायण शर्मा, सहसंयोजक ओंकारदास वैष्णव और कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भारती सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाजपा पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े ट्रस्टों ने धर्म, आस्था और सनातन परंपरा का राजनीतिक लाभ उठाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों को श्रद्धा का केंद्र बनाने के बजाय भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता का माध्यम बना दिया गया है।
वर्मा ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि करोड़ों-अरबों रुपये के चंदे और मंदिर प्रबंधन को लेकर कई सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर भूमिपूजन जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के चारों शंकराचार्यों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रमुखता दी गई। वर्मा ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें मोनी बाबा बताते हुए कहा कि कई बड़े मुद्दों पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है।
यह भी पढ़ें-बोले- मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल बर्दाश्त नहीं, लिव-इन रिलेशनशिप अपवित्र रिश्ता
सोने-चांदी की राम शिलाओं पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि मंदिर निर्माण के दौरान देशभर के श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी की राम शिलाएं दान की थीं। इनमें कुछ अत्यंत मूल्यवान शिलाएं भी शामिल थीं। दावा किया गया कि इन्हें मंदिर की नींव में स्थापित किया गया, लेकिन इसका कोई सार्वजनिक और पारदर्शी प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार है कि मंदिर निर्माण और ट्रस्ट को प्राप्त दान, चढ़ावे और संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया गया।
यह भी पढ़ें-नौ दिन की देरी से पहुंचा, अगले चार दिन में प्रदेश के अधिकांश हिस्से होंगे तरबतर
300 कैमरों के बावजूद चोरी कैसे?
धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी ने कहा कि राम मंदिर परिसर में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद चढ़ावा चोरी की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के संरक्षण में संचालित ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था का विषय है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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भाजपा पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े ट्रस्टों ने धर्म, आस्था और सनातन परंपरा का राजनीतिक लाभ उठाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों को श्रद्धा का केंद्र बनाने के बजाय भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता का माध्यम बना दिया गया है।
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वर्मा ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि करोड़ों-अरबों रुपये के चंदे और मंदिर प्रबंधन को लेकर कई सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर भूमिपूजन जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के चारों शंकराचार्यों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रमुखता दी गई। वर्मा ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें मोनी बाबा बताते हुए कहा कि कई बड़े मुद्दों पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है।
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सोने-चांदी की राम शिलाओं पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि मंदिर निर्माण के दौरान देशभर के श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी की राम शिलाएं दान की थीं। इनमें कुछ अत्यंत मूल्यवान शिलाएं भी शामिल थीं। दावा किया गया कि इन्हें मंदिर की नींव में स्थापित किया गया, लेकिन इसका कोई सार्वजनिक और पारदर्शी प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार है कि मंदिर निर्माण और ट्रस्ट को प्राप्त दान, चढ़ावे और संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया गया।
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300 कैमरों के बावजूद चोरी कैसे?
धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी ने कहा कि राम मंदिर परिसर में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद चढ़ावा चोरी की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के संरक्षण में संचालित ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था का विषय है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
