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Bhopal News: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, भोपाल में निकाला विजय मार्च
Sat, 25 Jul 2026 11:33 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:33 PM IST
सार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने भोपाल में विजय मार्च निकालकर इसे छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत बताया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर हमला बोलते हुए पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग दोहराई।
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भोपाल में कांग्रेस का विजय मार्च
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए राजधानी भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से व्यापम चौराहे से बोर्ड ऑफिस चौराहे तक विजय मार्च निकाला गया। मार्च का समापन भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और छात्र-युवा इसमें शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ देशभर के छात्रों ने लंबे समय तक संघर्ष किया, जिसके दबाव में आखिरकार केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा।
एक यह छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत
इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह किसी एक नेता या राजनीतिक दल की जीत नहीं, बल्कि उन करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की जीत है, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रहीं और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। अब युवाओं ने सरकार को जवाबदेह बनने के लिए मजबूर कर दिया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व का किया जिक्र
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठाया। पार्टी का दावा है कि विपक्ष के लगातार दबाव और छात्रों के आंदोलन के कारण केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा।
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अरुण यादव बोले- युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक का मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और भरोसे से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई तो सरकार को जवाब देना पड़ा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग दोहराई।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
कांग्रेस ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, पेपर लीक के दोषियों और उनके संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। पार्टी ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भोपाल में छात्रों का जश्न: ढोल-नगाड़ों के बीच मिठाई बांटी, बोले-अभी तो शुरुआत
भोपाल में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
विजय मार्च में कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम, विधायक आरिफ मसूद, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-युवा मौजूद रहे। मार्च के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
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एक यह छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत
इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह किसी एक नेता या राजनीतिक दल की जीत नहीं, बल्कि उन करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की जीत है, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रहीं और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। अब युवाओं ने सरकार को जवाबदेह बनने के लिए मजबूर कर दिया है।
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राहुल गांधी के नेतृत्व का किया जिक्र
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठाया। पार्टी का दावा है कि विपक्ष के लगातार दबाव और छात्रों के आंदोलन के कारण केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा।
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अरुण यादव बोले- युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक का मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और भरोसे से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई तो सरकार को जवाब देना पड़ा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग दोहराई।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
कांग्रेस ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, पेपर लीक के दोषियों और उनके संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। पार्टी ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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भोपाल में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
विजय मार्च में कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम, विधायक आरिफ मसूद, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-युवा मौजूद रहे। मार्च के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
