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MP News: ‘मन की बात’ में छाया MP का जल संरक्षण मॉडल, PM मोदी ने सीधी-नरसिंहपुर को सराहा
Sun, 26 Jul 2026 02:43 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:43 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में मध्य प्रदेश के जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने सीधी में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का जिक्र करते हुए बारिश की हर बूंद बचाने की अपील की।
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सीएम मोहन यादव और मंत्री प्रह्लाद पटेल मन की बात कार्यक्रम सुनते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सीधी और नरसिंहपुर जिलों में जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कैच द रेन अभियान के तहत सीधी में करीब 1500 तालाब बनाए जाने और नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों को विकसित किए जाने की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री ने बारिश की हर बूंद को सहेजने के लिए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘कैच द रेन’ का संदेश सीधा है जहां और जब बारिश हो, पानी को वहीं सहेजा जाए। उन्होंने कहा कि आज बचाई गई पानी की हर बूंद आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी पूंजी है। उन्होंने देशवासियों से अपने आसपास मौजूद तालाब, कुएं और बावड़ियों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का भी आह्वान किया।
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सीधी में 1500 तालाब, नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों का संरक्षण
प्रधानमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में करीब 1500 तालाब बनाए गए हैं, जबकि नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों को बेहतर बनाने का काम किया गया है। उन्होंने इन प्रयासों को जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को सहेजने, भूजल स्तर बढ़ाने, पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। 4 जुलाई से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत गांवों से लेकर शहरों तक लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि कई स्थानों पर पुराने तालाबों से गाद निकालने, कुओं और बावड़ियों को पुनर्जीवित करने तथा बंद पड़े बोरवेल को भूजल रिचार्ज के लिए इस्तेमाल करने जैसे काम किए जा रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हुए जल संरक्षण कार्यों के परिणामों का भी उल्लेख किया।
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ओरछा में सीएम ने स्थानीय लोगों के साथ सुनी ‘मन की बात’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवाड़ी जिले की धार्मिक और पर्यटन नगरी ओरछा के कंचना घाट पर स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह सहित जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेश केवट और निवाड़ी विधायक अनिल जैन भी उपस्थित रहे।
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जल संरक्षण का संदेश
प्रधानमंत्री के संबोधन में मध्य प्रदेश के जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीधी में तालाब निर्माण और नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों के संरक्षण के जरिए बारिश के पानी को रोकने और भूजल स्तर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ‘कैच द रेन’ अभियान का उद्देश्य भी जल संरक्षण को सरकारी प्रयासों से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी का अभियान बनाना है।
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सीधी में 1500 तालाब, नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों का संरक्षण
प्रधानमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में करीब 1500 तालाब बनाए गए हैं, जबकि नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों को बेहतर बनाने का काम किया गया है। उन्होंने इन प्रयासों को जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को सहेजने, भूजल स्तर बढ़ाने, पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। 4 जुलाई से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत गांवों से लेकर शहरों तक लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि कई स्थानों पर पुराने तालाबों से गाद निकालने, कुओं और बावड़ियों को पुनर्जीवित करने तथा बंद पड़े बोरवेल को भूजल रिचार्ज के लिए इस्तेमाल करने जैसे काम किए जा रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में हुए जल संरक्षण कार्यों के परिणामों का भी उल्लेख किया।
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ओरछा में सीएम ने स्थानीय लोगों के साथ सुनी ‘मन की बात’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवाड़ी जिले की धार्मिक और पर्यटन नगरी ओरछा के कंचना घाट पर स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह सहित जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेश केवट और निवाड़ी विधायक अनिल जैन भी उपस्थित रहे।
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जल संरक्षण का संदेश
प्रधानमंत्री के संबोधन में मध्य प्रदेश के जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीधी में तालाब निर्माण और नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों के संरक्षण के जरिए बारिश के पानी को रोकने और भूजल स्तर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ‘कैच द रेन’ अभियान का उद्देश्य भी जल संरक्षण को सरकारी प्रयासों से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी का अभियान बनाना है।
