Bhopal News: ब्लैकमेलिंग केस में फंसे पूर्व रेलकर्मी के वायरल वीडियो की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजर
भोपाल में ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी के वायरल वीडियो की पुलिस जांच कर रही है। फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि वीडियो असली हैं या उससे छेड़छाड़ की गई है।
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भोपाल के स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा के करीबी से गोमांस तस्करी मामले में आगे खुलासा नहीं करने और कथित रूप से हाईप्रोफाइल लोगों व राजनेताओं का नाम जोड़ने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
तीन दिन पहले ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए तिवारी के कुछ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि असलम चमड़ा के करीबी द्वारा कराए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में तिवारी कथित रूप से पैसे लेते हुए कैमरे में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उनके कई वीडियो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे हैं।
निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि वायरल वीडियो को जांच में शामिल कर लिया गया है। फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो वास्तविक हैं या उनमें किसी प्रकार की एडिटिंग या एआई तकनीक से छेड़छाड़ की गई है। पुलिस ने पहले ऑडियो साक्ष्य के आधार पर तिवारी को गिरफ्तार किया था। बाद में फरियादी ने कुछ वीडियो भी पुलिस को सौंपे।
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हालांकि, सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, उनके स्रोत को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यदि ये वीडियो पहले से कुछ लोगों के पास थे, तो तत्काल शिकायत क्यों नहीं की गई। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि वीडियो वास्तविक हैं या किसी साजिश के तहत तैयार किए गए। पुलिस सभी पहलुओं पर सतर्कता के साथ जांच कर रही है। तिवारी का मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
तिवारी पर दर्ज हैं कई गंभीर मामले
राजेश तिवारी पर पहले से भी गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। रेलवे स्टेशन की शासकीय इमारत में एक युवती के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में वह पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। अब ताजा प्रकरण के बाद उसका आपराधिक रिकॉर्ड फिर चर्चा में है।

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