सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: No results even after four months, questions raised over primary teacher recruitment, candidates

Bhopal News: चार महीने बाद भी रिजल्ट नहीं, प्राथमिक शिक्षक भर्ती पर सवाल, अभ्यर्थी पहुंचे ESB दफ्तर

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 02 Feb 2026 04:40 PM IST
विज्ञापन
सार

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का परिणाम चार महीने बाद भी घोषित नहीं होने से अभ्यर्थियों में रोष है। सोमवार को अभ्यर्थी ESB दफ्तर पहुंचे, जहां उन्हें गेट पर रोका गया। लगातार देरी और स्पष्ट जवाब न मिलने से अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग की है।

Bhopal News: No results even after four months, questions raised over primary teacher recruitment, candidates
ESB कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 (वर्ग-3) का परिणाम चार महीने बीतने के बाद भी घोषित नहीं होने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश फैल गया है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अनिश्चितता और मानसिक तनाव से जूझ रहे अभ्यर्थी सोमवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भोपाल स्थित ESB कार्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा संपन्न हुए लगभग चार माह हो चुके हैं, लेकिन परिणाम को लेकर न तो कोई स्पष्ट तारीख बताई जा रही है और न ही आधिकारिक स्थिति साफ की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का परिणाम मात्र 41 दिनों में घोषित कर दिया गया, जबकि प्राथमिक शिक्षक परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है।
Trending Videos


दफ्तर पहुंचे अभ्यर्थी, गेट पर रोके गए
सोमवार को कई अभ्यर्थी ESB कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। केवल दो अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने चयन मंडल के रवैये को असंवेदनशील और गैर-जवाबदेह बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हेल्पलाइन और ई-मेल भी बेअसर
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार ESB की हेल्पलाइन, ई-मेल और कार्यालय के माध्यम से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हर बार टालने वाले जवाब ही मिलते हैं। कभी जनवरी के अंतिम सप्ताह का हवाला दिया जाता है, तो कभी कोई निश्चित समय-सीमा बताने से बचा जाता है। इस असमंजस ने अभ्यर्थियों की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है।

यह भी पढ़ें-केंद्र नहीं मिला बजट गैस पीड़ित बेहाल, कैंसर-किडनी फेल्योर से जूझ रहे मरीजों की अनुग्रह राशि अटकी

भविष्य और शिक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित
रिजल्ट में हो रही देरी का असर सिर्फ अभ्यर्थियों के भविष्य तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अटकी होने से नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। अभ्यर्थियों ने रिजल्ट में लगातार हो रही देरी को लेकर व्यापम के पुराने इतिहास का हवाला देते हुए किसी भी तरह की गड़बड़ी या घोटाले की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो परिणाम घोषित करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में फिर बिगड़ा मौसम, फरवरी की शुरुआत बारिश से,आज 25 जिलों में अलर्ट

जल्द रिजल्ट नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने शासन और कर्मचारी चयन मंडल से मांग की है कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का परिणाम तत्काल घोषित किया जाए, ताकि चयन प्रक्रिया पूरी हो सके और रिक्त पदों पर समय पर नियुक्ति हो। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed