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IAS अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान पर मुख्य सचिव ने संभाली कमान, शीलेंद्र सिंह के काम की खुलकर तारीफ
Fri, 12 Jun 2026 09:00 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 12 Jun 2026 09:00 PM IST
सार
छिंदवाड़ा की चर्चित 'वॉश ऑन व्हील्स' पहल के श्रेय को लेकर आईएएस अधिकारियों के बीच शुरू हुए विवाद के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने इस नवाचार को शीलेंद्र सिंह के नेतृत्व में लागू की गई सफल पहल बताते हुए उसकी सराहना की।
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अनुराग जैन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के आईएएस अधिकारियों के बीच एक नवाचार को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच मुख्य सचिव अनुराग जैन को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने आईएएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश जारी कर छिंदवाड़ा में शुरू हुई 'वॉश ऑन व्हील्स' पहल की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा कि यह शीलेंद्र सिंह के नेतृत्व में लागू की गई एक उत्कृष्ट पहल थी, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की थी। मुख्य सचिव ने अपने संदेश में लिखा कि यह नवाचार महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रदर्शनी में भी प्रदर्शित किया गया था और इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। प्रशासनिक हलकों में मुख्य सचिव की इस टिप्पणी को शीलेंद्र सिंह के योगदान को औपचारिक मान्यता देने और बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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दीपाली रस्तोगी की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब महिला आईएएस ने एसोसिएशन ग्रुप में एक टिप्पणी की। यह टिप्पणी उस समय आई जब सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस ने छिंदवाड़ा में शीलेंद्र सिंह द्वारा शुरू किए गए 'वॉश ऑन व्हील्स' मॉडल की प्रशंसा की थी। ग्रुप में कई अधिकारियों ने शीलेंद्र सिंह को बधाई दी, लेकिन महिला अधिकारी ने अपनी प्रतिक्रिया में इस उपलब्धि को पूरी छिंदवाड़ा टीम का सामूहिक प्रयास बताया। उन्होंने जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ अग्रिम कुमार की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि आईटी आधारित पहल का नेतृत्व उन्होंने किया था और बाद में राज्य स्तर पर भी इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया।
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श्रेय को लेकर शुरू हुई चर्चा
दीपाली रस्तोगी की टिप्पणी के बाद प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि उनके संदेश में शीलेंद्र सिंह के योगदान का कोई उल्लेख नहीं था। कई अधिकारियों ने इसे श्रेय को लेकर पैदा हुए विवाद के रूप में देखा। बताया जाता है कि इसके बाद आईएएस एसोसिएशन ग्रुप में शीलेंद्र सिंह को भेजे जा रहे बधाई संदेश लगभग थम गए। मामला आगे बढ़कर प्रमोटी आईएएस अधिकारियों की नाराजगी तक पहुंच गया। चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि क्या प्रमोटी अधिकारियों के कार्यों को पर्याप्त पहचान और सम्मान मिल रहा है।
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दीपाली रस्तोगी की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब महिला आईएएस ने एसोसिएशन ग्रुप में एक टिप्पणी की। यह टिप्पणी उस समय आई जब सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस ने छिंदवाड़ा में शीलेंद्र सिंह द्वारा शुरू किए गए 'वॉश ऑन व्हील्स' मॉडल की प्रशंसा की थी। ग्रुप में कई अधिकारियों ने शीलेंद्र सिंह को बधाई दी, लेकिन महिला अधिकारी ने अपनी प्रतिक्रिया में इस उपलब्धि को पूरी छिंदवाड़ा टीम का सामूहिक प्रयास बताया। उन्होंने जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ अग्रिम कुमार की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि आईटी आधारित पहल का नेतृत्व उन्होंने किया था और बाद में राज्य स्तर पर भी इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया।
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श्रेय को लेकर शुरू हुई चर्चा
दीपाली रस्तोगी की टिप्पणी के बाद प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि उनके संदेश में शीलेंद्र सिंह के योगदान का कोई उल्लेख नहीं था। कई अधिकारियों ने इसे श्रेय को लेकर पैदा हुए विवाद के रूप में देखा। बताया जाता है कि इसके बाद आईएएस एसोसिएशन ग्रुप में शीलेंद्र सिंह को भेजे जा रहे बधाई संदेश लगभग थम गए। मामला आगे बढ़कर प्रमोटी आईएएस अधिकारियों की नाराजगी तक पहुंच गया। चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि क्या प्रमोटी अधिकारियों के कार्यों को पर्याप्त पहचान और सम्मान मिल रहा है।
