शिवपुरी जिलाध्यक्ष पर विवाद: BJP के संविधान बदल अध्यक्ष बनाने पर बोले जसमंत जाटव- यह पार्टी नेतृत्व का निर्णय
मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद गहरा गया है। शिवपुरी जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव की नियुक्ति पर भाजपा विधायक रमेश खटीक ने विरोध किया, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वहां कोई संविधान नहीं, सिर्फ नेताओं के चेहते बनते हैं। जाटव ने आरोपों का खंडन किया।
विस्तार
मध्य प्रदेश में भाजपा द्वारा जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है, लेकिन शिवपुरी जिलाध्यक्ष को लेकर विवाद छिड़ गया है। भाजपा विधायक रमेश खटीक ने जसमंत जाटव की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। खटीक का कहना है कि जाटव ने चुनाव के दौरान उनका खुलकर विरोध किया था और इस कारण वह जिलाध्यक्ष पद के योग्य नहीं हैं। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चेहते जसमंत जाटव को अध्यक्ष बनाने संविधान बदलने की भी बात सामने आई है। इस पर अब कांग्रेस नेता भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा में कोई संविधान नहीं है, केवल नेताओं के चेहते अध्यक्ष बनते हैं। इस विवाद पर जसमंत जावट ने अमर उजाला से बात कर एक एक सवाल का जवाब दिया।
सवाल: आपको सिंधिया समर्थक होने के चलते भाजपा का संविधान बदल कर अध्यक्ष बनाने की बात कही जा रही है?
जसमंत जाटव- यह पार्टी नेतृत्व का निर्णय है। इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।
सवाल: आप पर आरोप है कि आपने भाजपा विधायक के खिलाफ काम किया। करैरा से विधायक रमेश खटीक आपके अध्यक्ष बनने पर सवाल उठा रहे हैं?
जसमंत जाटव- वो मेरी विधानसभा के माननीय विधायक हैं। मेरे बड़े भाई हैं। मैं उनका हृदय से सम्मान करता हूं और स्वागत करता हूं। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा।
सवाल: कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा में कोई संविधान नहीं है। नेताओं के चेहते अध्यक्ष बनते हैं?
जसमंत जाटव- कांग्रेस अपना काम भूल गई है। अपने गिरेबां में ना झांकते हुए वह दूसरे के काम में टांग अड़ाने का और दूषित वातावरण बनाने का काम करती है। कांग्रेस को कोई ओर काम तो है नहीं। वह जमीन पर तो खत्म हो गए हैं।
कौन हैं जसवंत जाटव
बता दें, जसवंत जाटव कांग्रेस से विधायक रहे हैं। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने सिंधिया के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। जाटव ने 2020 में भाजपा ज्वाइन की थी।
क्या है भाजपा के संविधान का प्रावधान
भाजपा के संविधान के अनुसार, जिला अध्यक्ष बनने के लिए किसी नेता का कम से कम छह साल से पार्टी का सदस्य होना अनिवार्य है, लेकिन जाटव ने 2020 में भाजपा ज्वाइन की थी। इसके बावजूद, सिंधिया के करीबी होने के कारण पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष बना दिया।
अब तक 20 जिला अध्यक्षों की घोषणा
भाजपा में रविवार और सोमवार को 20 जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई है। रविवार को उज्जैन और विदिशा जिले से शुरुआत की गई और सोमवार को 18 जिलों के अध्यक्षों के नामों का एलान किया। भाजपा में कुल 62 जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा होना है।

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