भोपाल का दोहरा हत्याकांड: पुलिस ने जारी किए संदिग्ध आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज, एआई से होगी हमलावरों की पहचान
भोपाल के सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती की हत्या के 15 दिन बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली है। संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज जारी किए गए हैं और एआई तकनीक से उनकी पहचान की कोशिश जारी है। पुलिस संपत्ति विवाद और किराए के शूटरों के एंगल से जांच कर रही है।
भोपाल के सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती की हत्या के 15 दिन बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली है। संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज जारी किए गए हैं और एआई तकनीक से उनकी पहचान की कोशिश जारी है। पुलिस संपत्ति विवाद और किराए के शूटरों के एंगल से जांच कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी भोपाल के ऐशबाग थान क्षेत्र के सुदामा नगर में रहने वाले रिटायर्ड दंपती की हत्या के करीब 15 दिन बाद भी भोपाल पुलिस खाली हाथ है। पुलिस महानिदेशक ने संदिग्धों का सुराग बताने वालों को 50 हजार का इनाम देने की पहले ही घोषणा कर चुके हैं। अब भोपाल पुलिस ने संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज वायरल किए हैं। पुलिस अभी तक फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही थी, लेकिन करीब 15 दिन बाद भी कोई ठोस सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल कर दिए हैं।
भोपाल क्राइम ब्रांच और भोपाल पुलिस के एक दर्जन चुनिंदा एक्सपर्ट अधिकाकरियों की एसआईटी जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब आरोपियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का सहारा लिया जा रहा है। भोपाल पुलिस ने दिल्ली की एक जांच एजेंसी को सीसीटीवी फुटेज भेजकर संदिग्ध आरोपियों की धरपकड़ में मदद की मांग की है। अगर जांच एजेंसी एआई की मदद से आरोपियों तक पहुंचती है तो भोपाल का एआई के जरिए हत्याकांड जैसे गंभीर मामले के खुलासे का यह पहला मामला होगा।
ये भी पढ़ें- Raja Raghuvanshi Case: SC में सोनम का जवाब - मैं निर्दोष हूं, जमानत रद्द करने की याचिका पर दिया हलफनामा
मकान की राशि को लेकर हत्या की आशंका
पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच करने के बाद इस पर आकर टिक गई है कि सुदामा नगर स्थित जिस घर में बुजुर्ग दंपती की हत्या की गई है, उसे वह दंपती बेचना चाहते थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो 70 वर्षीय हेमंत फिलोमेन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक फिलोमेन उक्त मकान की कीमत करीब दो करोड़ रुपए बनाए हुए थे। कुछ माह पहले उन्होंने इटारसी स्थित पुराना मकान व पैतृक जमीन भी 13 लाख रुपये में बेच चुके थे। सुदामा नगर स्थित मकान को एक व्यक्ति एक करोड़ 20 लाख में खरीदने के लिए तैयार था। मकान बेचने का सौदा भी लगभग तय हो चुका था। ऐसे में हत्याकांड को अंजाम मकान की मिलने वाली राशि या मकान को अपने नाम कराने को लेकर किए जाने की आशंका है। शकुंतला अपने भाई विनोद बारीक के बेटे वैभव के नाम उक्त संपत्ति करना चाहती थी, लेकिन वर्ष 2020 में वैभव की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। हेमंत फिलोमेन पहले अपने भाई के बेटे को संपत्ति देना चाहते थे, लेकिन शकुंतला अपने मायके पक्ष के लोगों को संपत्ति देने के लिए दबाव बनाया, जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
आधा दर्जन करीबी रिश्तेदार भी शक के दायरे में
हेमंत फिलोमेन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक फिलोमेन की हत्या सुदामा नगर स्थित उनके मकान में 24 जून को की गई थी। 26 जून की रात किरायेदार को घर के अंदर से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस पहुंची और दोहरे हत्याकांड का पता चला था। शक के दायरे में आधा दर्जन करीबी रिश्तेदार भी हैं, पुलिस जिनसे पूछताछ कर चुकी है, लेकिन हत्या किराए के शूटरों से कराए जाने का पता चला है। हत्या करने वाले भोपाल के रहने वाले नहीं हैं। उनका हुलिया बाहरी है। हत्याकांड के बाद दोनों आरोपी दंपती के घर के पीछे की गली से निकले हुए सीसीटीवी में कैद हुए हैं। दोनों आगे जाकर अलग-अलग रास्ते से निकले, लेकिन सुभाष नगर अंडर ब्रिज के पास फिर दोनों साथ हो गए। पुलिस फुटेज को दिल्ली की एक निजी कंपनी को भेजकर उनकी फोटो साफ करा रही है और एआई की तकनीक से पहचान कराने का प्रयास कर रही है। साफ फोटो मिलने के बाद भोपाल पुलिस देश के दूसरे राज्यों की पुलिस और पोर्टल पर अपलोड कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
