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एथेनॉल चावल विवाद: मंत्री राजपूत की दो टूक- एफसीआई की हेराफेरी में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं

Sun, 12 Jul 2026 10:03 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 12 Jul 2026 10:03 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के कथित एथेनॉल चावल घोटाले पर कांग्रेस के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एथेनॉल कंपनी और राइस मिलर की भूमिका सामने आई है, जबकि राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

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Ethanol-Rice Controversy: Minister Rajput’s Blunt Statement – State Government Has No Role in FCI Irregulari
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर लगे हैं गंभीर आरोप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में कथित एथेनॉल चावल घोटाले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद राज्य सरकार ने इस मामले में सफाई दी है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने रविवार को कहा कि बालाघाट में सामने आए एफसीआई के चावल की कथित हेराफेरी के मामले में राज्य सरकार, खाद्य विभाग और मध्य प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जांच में संबंधित एथेनॉल निर्माता कंपनी और राइस मिलर की भूमिका सामने आई है। 
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मंत्री ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन पूरी तरह केंद्र सरकार की योजना के तहत संचालित होता है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को चावल उपलब्ध कराता है। इसके बाद कंपनियां तेल विपणन कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करती हैं। चावल का आवंटन, मूल्य निर्धारण, परिवहन और पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आती है। इसमें राज्य सरकार या उसकी एजेंसियों की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती। 
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बालाघाट जांच में क्या सामने आया
खाद्य मंत्री के मुताबिक, शिकायत मिलने पर बालाघाट कलेक्टर ने जांच कराई। जांच के दौरान एफसीआई द्वारा छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड को एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित 242.55 क्विंटल (490 बोरी) चावल वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में मिला। प्रथम दृष्टया चावल के व्यपवर्तन की पुष्टि होने पर एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि और संचेती राइस मिल के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की पुलिस जांच जारी है। 


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केंद्र को लिखा पत्र
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां रोकने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस ने लगाए थे 1200 करोड़ के घोटाले के आरोप
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मध्य प्रदेश में 1200 करोड़ रुपये का चावल घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल के नाम पर बड़ी मात्रा में चावल का दुरुपयोग किया गया और भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार हुआ। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में एक घोटाला खत्म होने से पहले दूसरा सामने आ जाता है।
 
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