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महिला आरक्षण पर MP विधानसभा में तीखी बहस: संकल्प पास, संशोधन पर वोटिंग की मांग पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 27 Apr 2026 10:20 PM IST
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सार

मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। करीब 8 घंटे चली तीखी बहस, हंगामे और कांग्रेस के वॉकआउट के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव का नारी शक्ति वंदन संबंधी शासकीय संकल्प ध्वनिमत से पारित हो गया।

High-voltage drama in MP Assembly over women's reservation: Resolution passed, uproar over demand for voting,
मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय सत्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर जमकर राजनीतिक घमासान देखने को मिला। करीब 8  घंटे चली चर्चा के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा लाया गया शासकीय संकल्प सदन में पारित हो गया। हालांकि इससे पहले विपक्ष ने मौजूदा स्थिति में ही लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने के लिए संकल्प में संशोधन का प्रस्ताव रखा था, जिस पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने मांग की कि संशोधन प्रस्ताव पर डिवीजन के जरिए मतदान कराया जाए। मतदान की प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का मूल संकल्प पहले आया है और उसी पर सदन को निर्णय लेना चाहिए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे गिरीश गौतम और सीता शरण शर्मा ने भी प्रक्रिया को लेकर अपनी राय रखी। 
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इसके बाद अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि सदन के सामने दो प्रस्ताव हैं  पहला मुख्यमंत्री का मूल शासकीय संकल्प और दूसरा विपक्ष का संशोधन प्रस्ताव। अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के मूल संकल्प को पारित घोषित कर दिया। इससे नाराज कांग्रेस ने डिवीजन नहीं कराने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकार रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं दिया। सीएम ने कहा कि बिना परिसीमन और संवैधानिक प्रक्रिया के आरक्षण लागू करना संभव नहीं है, लेकिन सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार रोकने का पाप किया- सीएम यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन को ऐतिहासिक बताते हुए कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकार रोकने के पाप करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद महिला आरक्षण लागू नहीं किया और महिलाओं की आकांक्षाओं के साथ अन्याय किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि बिना परिसीमन और संवैधानिक प्रक्रिया के आरक्षण लागू करना संभव नहीं है। मोहन यादव ने दावा किया कि मध्यप्रदेश महिलाओं को आगे बढ़ाने में अग्रणी राज्य है। उन्होंने स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण, सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण, लाड़ली लक्ष्मी, लाड़ली बहना, स्वयं सहायता समूह, ड्रोन दीदी और महिला रोजगार योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर, सख्त कानून और रोजगार योजनाएं चलाई जा रही हैं। सीएम ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

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नीयत साफ है तो अभी लागू करें 33% महिला आरक्षण- सिंघार 
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के अशासकीय संकल्प को स्वीकार नहीं किए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया। सिंघार ने कहा कि महिलाओं को मौजूदा लोकसभा और विधानसभा सीटों पर तत्काल 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और जरूरत हो तो 50 प्रतिशत आरक्षण पर भी विचार किया जाए। उन्होंने सरकार से पूछा कि महिला आरक्षण कब लागू होगा और परिसीमन कब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार 2029 और 2047 की बात कर रही है, जबकि महिलाएं आज अधिकार चाहती हैं। सिंघार ने सुझाव दिया कि सरकार सोशल मीडिया या ऑनलाइन सर्वे के जरिए महिलाओं की राय ले, जवाब स्पष्ट होगा कि महिलाएं आरक्षण अभी चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के 31 मंत्रियों में केवल 5 महिलाएं हैं, जो उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है। सिंघार ने महिला आयोग के खाली पद, लापता बच्चियों, खिलाड़ियों को सुविधाएं न मिलने, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दे उठाते हुए कहा कि सरकार ने जनता के मुद्दों पर नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडे के लिए विशेष सत्र बुलाया।

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