फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP 30 proposals approved at State Wildlife Board meeting; CM directs officials to bring elephants and rh

MP: वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक में प्रस्तावों को मंजूरी, CM ने दूसरे राज्यों से हाथी-गैंडे लाने के निर्देश दिए

Wed, 12 Aug 2026 03:14 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Wed, 12 Aug 2026 03:14 PM IST
सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में वन पर्यटन को बढ़ावा देने और इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने होम स्टे को बढ़ावा देने के साथ दूसरे राज्यों से स्वस्थ वन्यप्राणियों के आदान-प्रदान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।

विज्ञापन
MP 30 proposals approved at State Wildlife Board meeting; CM directs officials to bring elephants and rh
सीएम मोहन यादव - फोटो : CM Mohan Yadav Facebook

विस्तार

मध्यप्रदेश में वन पर्यटन के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए सरकार अब ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वन विभाग पर्यटन विभाग के साथ मिलकर ठोस कार्ययोजना तैयार करेगा। वन पर्यटन के विकास के साथ स्थानीय लोगों को भी इससे जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वनवासी और जनजातीय परिवारों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता और वन्यप्राणी पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने वन पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों को जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि होम स्टे को बढ़ावा देने से वनवासियों और जनजातीय परिवारों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। पर्यटन का लाभ केवल पर्यटकों तक सीमित न रहे, बल्कि जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी इसका उपयोग हो।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: भोपाल में राजा भोज नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप शुरू, 12 राज्यों के सेलर शामिल
विज्ञापन
विज्ञापन


एपी, असम, कर्नाटक से हाथी, गैंडे लाने की तैयारी 
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दूसरे राज्यों के साथ लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से वयस्क और पूरी तरह स्वस्थ वन्यप्राणियों का आदान-प्रदान किया जाए। उन्होंने आंध्र प्रदेश, असम और कर्नाटक को मध्यप्रदेश में उपलब्ध बाघ देकर वहां से हाथी, गैंडे और अन्य वन्यप्राणी लाने की दिशा में काम करने को कहा।  मुख्यमंत्री ने वन भूमि के उपयोग को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन भूमि के डायवर्सन पर कड़ी नजर रखी जाए और वन क्षेत्रों में किसी भी तरह का अवैध उत्खनन नहीं होने दिया जाए। 

ये भी पढ़ें-  MP News: राहुल पर सीएम यादव का तीखा हमला,बोले- संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे, झारखंड के मामले में चुप क्यों?


30 प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और वन्यप्राणी संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कुल 30 प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखे गए और सभी को मंजूरी दे दी गई। इनमें राष्ट्रीय उद्यानों की सीमा से लगे वनग्रामों में सीसी रोड, टाइगर रिजर्व के वनग्रामों में पक्की सड़कें, मोबाइल टावर, उप स्वास्थ्य केंद्र और बिजली लाइन बिछाने सहित अन्य जरूरी निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व की परिधि में आने वाले वनग्रामों में कोई भी निर्माण या विकास कार्य स्थानीय आबादी को विश्वास में लेकर ही किया जाए। 

ये भी पढ़ें-  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल बोले-राहुल गांधी संसद में चर्चा से भाग रहे, सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार

संरक्षण के साथ विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और वन संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। वन संपदा की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव और वन्यप्राणियों के बीच संघर्ष की स्थिति न बने, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों से वन और वन्यप्राणियों के संरक्षण पर प्रतिकूल असर न पड़े।
मुख्यमंत्री ने वन्यप्राणी बोर्ड में विशेषज्ञ सेवाओं के लिए केंद्र सरकार और राज्य के पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने का सुझाव भी दिया। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed