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MP News: जॉब के लिए बंगलूरू गए ग्लोबल स्किल पार्क के 34 छात्र लौटे वापस, कंपनी ने कहा- फिलहाल वैकेंसी नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:17 AM IST
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सार
भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क के 34 छात्रों को नौकरी के लिए बंगलूरू भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने पर वैकेंसी नहीं होने की जानकारी दी गई। जॉइनिंग नहीं मिलने से छात्रों को वापस लौटना पड़ा और पूरे मामले में प्लेसमेंट प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं
ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क (जीएसपी) के प्लेसमेंट प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। संस्थान के 34 छात्रों को नौकरी दिलाने के लिए बंगलूरू भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि जिस पद के लिए भर्ती होनी थी, उसकी वैकेंसी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसके बाद छात्रों को बिना जॉइनिंग के वापस भोपाल लौटना पड़ा। अब उनको ग्लोबल स्किल पार्क के हॉस्टल में रखा गया है। जानकारी के अनुसार, ग्लोबल स्किल पार्क के 34 छात्र-छात्राओं का चयन बंगलूरू की श्नाइडर इलेक्ट्रिक कंपनी में हुआ था। इनकी ज्वाइनिंग 8 जून को होनी थी। इसके लिए पांच जून को बच्चे अपने-अपने साधनों से बंगलूरू 7 जून को पहुंचे। इसका मैनेजमेंट प्लेसमेंट एजेंसी विजन इंडिया द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, कंपनी पहुंचने पर छात्रों को बताया गया कि संबंधित पदों की वैकेंसी भर चुकी है और फिलहाल भर्ती नहीं की जा सकती। बताया जा रहा है कि विजन इंडिया ने छात्रों को इसके बाद चेन्नई स्थित श्नाइडर इलेक्ट्रिक की मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी में नौकरी का विकल्प दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, कुछ छात्रों को दूसरी कंपनी में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) का प्रस्ताव भी दिया गया, जिसे भी उन्होंने अस्वीकार कर दिया। स्थिति स्पष्ट नहीं होने और जॉइनिंग नहीं मिलने के कारण सभी छात्र 11 जून को वापस भोपाल लौट आए। इस दौरान रहने, खाने और यात्रा सहित अन्य खर्च छात्रों को स्वयं वहन करना पड़ा। छात्रों के अनुसार, प्रत्येक छात्र को लगभग 10 से 12 हजार रुपये तक का खर्च उठाना पड़ा।
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प्लेसमेंट एजेंसी पर उठ रहे सवाल
इस पूरी प्रक्रिया में ग्लोबल स्किल पार्क और कंपनियों के बीच विजन इंडिया नाम की प्लेसमेंट एजेंसी काम कर रही थी। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि सीधे कंपनियों से अनुबंध करने वाले ग्लोबल स्किल पार्क को प्लेसमेंट एजेंसी की आखिर आवश्यकता क्यों पड़ी? इस मामले में विजन इंडिया के रिसोर्स हैड अविनाश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके कई कंपनियों से अनुबंध है और वह उन कंपनियों को मैनपॉवर उपलब्ध कराती है। जब उनसे पूछा गया कि छात्रों का नियुक्ता कौन होगा तो उन्होंने बताया कि वह विजन इंडिया के कर्मचारी होगे, लेकिन काम संबंधित कंपनियों के लिए करेंगे।
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जीएसपी के डायरेक्टर का बयान अलग
वहीं, इस मामले में बात करने पर ग्लोबल स्किल पार्क के डायरेक्टर (एक्सटर्नल रिलेशन) नीरज सहाय ने कहा कि कंपनियों की भर्ती करने को लेकर अलग-अलग नीतियां होती हैं। जिन बच्चों का चयन हुआ है, उनको संबंधित कंपनी की तरफ से ही सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। उन्होंने विजन इंडिया को लेकर पूछे सवाल पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सिर्फ यह सफाई देते रहे कि 1 जुलाई को सभी छात्रों की जॉइनिंग प्रस्तावित है। छात्रों को हुए आर्थिक नुकसान के संबंध में एक नीति बनाकर मुआवजे पर विचार किया जाएगा।
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प्लेसमेंट एजेंसी पर उठ रहे सवाल
इस पूरी प्रक्रिया में ग्लोबल स्किल पार्क और कंपनियों के बीच विजन इंडिया नाम की प्लेसमेंट एजेंसी काम कर रही थी। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि सीधे कंपनियों से अनुबंध करने वाले ग्लोबल स्किल पार्क को प्लेसमेंट एजेंसी की आखिर आवश्यकता क्यों पड़ी? इस मामले में विजन इंडिया के रिसोर्स हैड अविनाश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके कई कंपनियों से अनुबंध है और वह उन कंपनियों को मैनपॉवर उपलब्ध कराती है। जब उनसे पूछा गया कि छात्रों का नियुक्ता कौन होगा तो उन्होंने बताया कि वह विजन इंडिया के कर्मचारी होगे, लेकिन काम संबंधित कंपनियों के लिए करेंगे।
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जीएसपी के डायरेक्टर का बयान अलग
वहीं, इस मामले में बात करने पर ग्लोबल स्किल पार्क के डायरेक्टर (एक्सटर्नल रिलेशन) नीरज सहाय ने कहा कि कंपनियों की भर्ती करने को लेकर अलग-अलग नीतियां होती हैं। जिन बच्चों का चयन हुआ है, उनको संबंधित कंपनी की तरफ से ही सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। उन्होंने विजन इंडिया को लेकर पूछे सवाल पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सिर्फ यह सफाई देते रहे कि 1 जुलाई को सभी छात्रों की जॉइनिंग प्रस्तावित है। छात्रों को हुए आर्थिक नुकसान के संबंध में एक नीति बनाकर मुआवजे पर विचार किया जाएगा।
