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MP News: सीएम मोहन बोले- समान नागरिक संहिता पर जनता की राय से बनेगी नीति, 22 जून तक दे सकेंगे सुझाव
Sat, 13 Jun 2026 09:32 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 13 Jun 2026 09:32 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर नीति निर्माण जनता के सुझावों और सहभागिता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
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सीएम यादव ने यूसीसी को लेकर वर्चुअली बैठक की
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर नीति निर्माण के लिए नागरिकों की सहभागिता जरूरी है और प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों से सुझाव प्राप्त कर ही आगे की दिशा तय की जाएगी। शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी के विषय में लोगों को जागरूक करने के लिए सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाए। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों तक इस विषय पर चर्चा हो और नागरिकों को अपनी राय देने के लिए प्रेरित किया जाए।
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विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों, बार काउंसिल तथा अन्य संस्थाओं में संवाद और चर्चा कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिकारी और कर्मचारी भी इस विषय पर अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय कर्मचारी लोगों को सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित करें। आवश्यकता पड़ने पर विशेष ग्राम सभाएं भी आयोजित की जा सकती हैं।
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यूसीसी की वेबसाइट पर देना है सुझाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष वेबसाइट ucc.mp.gov.in शुरू की है। इस वेबसाइट पर 22 जून तक सुझाव दिए जा सकते हैं। सुझाव देने की प्रक्रिया सरल रखी गई है। नागरिकों को अपना नाम, लिंग, धर्म, जिला, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कर 12 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। मोबाइल ओटीपी सत्यापन के बाद सुझाव जमा हो जाएगा।
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सीएम ने लोगों से राय देने की अपील
डॉ. यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों की मदद से भी जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी राय दर्ज करा सकें। उल्लेखनीय है कि विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के प्रावधानों का अध्ययन करने और समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। सरकार का मानना है कि जनसुझावों के आधार पर तैयार की जाने वाली नीति अधिक प्रभावी और व्यापक होगी।
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विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों, बार काउंसिल तथा अन्य संस्थाओं में संवाद और चर्चा कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिकारी और कर्मचारी भी इस विषय पर अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय कर्मचारी लोगों को सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित करें। आवश्यकता पड़ने पर विशेष ग्राम सभाएं भी आयोजित की जा सकती हैं।
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यूसीसी की वेबसाइट पर देना है सुझाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष वेबसाइट ucc.mp.gov.in शुरू की है। इस वेबसाइट पर 22 जून तक सुझाव दिए जा सकते हैं। सुझाव देने की प्रक्रिया सरल रखी गई है। नागरिकों को अपना नाम, लिंग, धर्म, जिला, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कर 12 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। मोबाइल ओटीपी सत्यापन के बाद सुझाव जमा हो जाएगा।
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सीएम ने लोगों से राय देने की अपील
डॉ. यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों की मदद से भी जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी राय दर्ज करा सकें। उल्लेखनीय है कि विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के प्रावधानों का अध्ययन करने और समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। सरकार का मानना है कि जनसुझावों के आधार पर तैयार की जाने वाली नीति अधिक प्रभावी और व्यापक होगी।
