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MP News: अग्नि सुरक्षा नियम होंगे और सख्त, केंद्र के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप बनेगा नया कानून
Thu, 04 Jun 2026 08:35 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 04 Jun 2026 08:35 PM IST
सार
दिल्ली में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद मध्यप्रदेश सरकार फायर सेफ्टी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी में है। प्रस्तावित नए कानून में केंद्र के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप सख्त प्रावधान शामिल किए जाएंगे, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हादसे के बाद फायर सेफ्टी को लेकर प्रदेश सरकार भी अलर्ट हो गई है। प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण, ऊंची इमारतों और औद्योगिक विकास को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को मंत्रालय में प्रस्तावित मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026 तथा मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम-2026 के प्रारूप की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक संशोधन कर प्रस्ताव अगले सप्ताह पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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केंद्र के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप होंगे प्रावधान
समीक्षा बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि प्रस्तावित अग्निशमन कानून को भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश में बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और बहुमंजिला इमारतों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में अग्निशमन विभाग के पास अत्याधुनिक उपकरण, बेहतर तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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फायर सेफ्टी अधिकारियों की योग्यता होगी तय
मंत्री ने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के स्पष्ट मानक तय किए जाएं। साथ ही अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन कर बेहतर प्रावधानों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने सभी भवनों में एग्जिट प्लान, आपातकालीन मार्ग और फायर पाइपलाइन की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य बनाने पर भी जोर दिया। बैठक में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए फायर टैक्स जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई।
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फायर स्टेशनों और संसाधनों की हुई समीक्षा
मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में उपलब्ध फायर स्टेशनों, फायर ब्रिगेड वाहनों और कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि वे हर प्रकार की आपदा और आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपट सकें।
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अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, लेकिन जनता को नहीं होगी परेशानी
बैठक में प्रस्तावित मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। इसमें कॉलोनियों के पंजीयन, विकास अनुमति, नियमों के उल्लंघन और अवैध एवं अविकसित कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया। मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, लेकिन इस प्रक्रिया में आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य व्यवस्था सुधारना है, न कि लोगों को परेशान करना। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय कुमार दुबे, नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे, अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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केंद्र के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप होंगे प्रावधान
समीक्षा बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि प्रस्तावित अग्निशमन कानून को भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश में बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और बहुमंजिला इमारतों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में अग्निशमन विभाग के पास अत्याधुनिक उपकरण, बेहतर तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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फायर सेफ्टी अधिकारियों की योग्यता होगी तय
मंत्री ने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के स्पष्ट मानक तय किए जाएं। साथ ही अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन कर बेहतर प्रावधानों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने सभी भवनों में एग्जिट प्लान, आपातकालीन मार्ग और फायर पाइपलाइन की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य बनाने पर भी जोर दिया। बैठक में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए फायर टैक्स जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई।
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फायर स्टेशनों और संसाधनों की हुई समीक्षा
मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में उपलब्ध फायर स्टेशनों, फायर ब्रिगेड वाहनों और कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि वे हर प्रकार की आपदा और आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपट सकें।
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अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, लेकिन जनता को नहीं होगी परेशानी
बैठक में प्रस्तावित मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। इसमें कॉलोनियों के पंजीयन, विकास अनुमति, नियमों के उल्लंघन और अवैध एवं अविकसित कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया। मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, लेकिन इस प्रक्रिया में आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य व्यवस्था सुधारना है, न कि लोगों को परेशान करना। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय कुमार दुबे, नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे, अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
