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MP News: मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा,अब 77,662 रु. मिलेंगे,1 अप्रैल 2025 से होगा प्रभावी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 13 Mar 2026 06:04 PM IST
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सार
मध्य प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर संशोधन करते हुए नया स्टाइपेंड 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा।
जूनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर किए गए इस संशोधन के बाद जूनियर डॉक्टरों को अब 77,662 रुपए और सीनियर रेजिडेंट को 90,803 रुपए मिलेंगे। मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों के स्टाइपेंड में संशोधन किया है। नया स्टाइपेंड 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। सरकार के इस फैसले से पीजी छात्र, इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को लाभ मिलेगा।
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किसे कितना मिलेगा स्टाइपेंड
आदेश के अनुसार PG प्रथम वर्ष: 75,444 से बढ़कर 77,662 रुपए, PG द्वितीय वर्ष: 77,764 से बढ़कर 80,050 रुपए, PG तृतीय वर्ष: 80,086 से बढ़कर 82,441 रुपए, इंटर्न डॉक्टर: 13,928 से बढ़कर 14,337 रुपए, सुपर स्पेशिलिटी प्रथम वर्ष: 80,086 रुपए से बढ़कर 82,441 रुपए, सुपर स्पेशलिटी द्वितीय वर्ष: 80,086 रुपए से बढ़कर 82,441 रुपए, सुपर स्पेशिलिटी तृतीय वर्ष: 80,086 रुपए से बढ़कर 82,441 रुपए तय किया गया है। वहीं, सीनियर रेजिडेंट: 88,210 से बढ़कर 90,803 रुपए, जूनियर रेजिडेंट: 61,515 रुपए से बढ़कर 63,324 रुपए तय किया गया है।
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स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी हैं जूनियर डॉक्टर
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे प्रशिक्षण के साथ-साथ मरीजों को लगातार चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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हड़ताल के बाद आया फैसला
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर लंबे समय से नाराज थे। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। 9 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे। बाद में उप मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ हुई बैठक के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया था।
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किसे कितना मिलेगा स्टाइपेंड
आदेश के अनुसार PG प्रथम वर्ष: 75,444 से बढ़कर 77,662 रुपए, PG द्वितीय वर्ष: 77,764 से बढ़कर 80,050 रुपए, PG तृतीय वर्ष: 80,086 से बढ़कर 82,441 रुपए, इंटर्न डॉक्टर: 13,928 से बढ़कर 14,337 रुपए, सुपर स्पेशिलिटी प्रथम वर्ष: 80,086 रुपए से बढ़कर 82,441 रुपए, सुपर स्पेशलिटी द्वितीय वर्ष: 80,086 रुपए से बढ़कर 82,441 रुपए, सुपर स्पेशिलिटी तृतीय वर्ष: 80,086 रुपए से बढ़कर 82,441 रुपए तय किया गया है। वहीं, सीनियर रेजिडेंट: 88,210 से बढ़कर 90,803 रुपए, जूनियर रेजिडेंट: 61,515 रुपए से बढ़कर 63,324 रुपए तय किया गया है।
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स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी हैं जूनियर डॉक्टर
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे प्रशिक्षण के साथ-साथ मरीजों को लगातार चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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हड़ताल के बाद आया फैसला
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर लंबे समय से नाराज थे। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। 9 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे। बाद में उप मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ हुई बैठक के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया था।

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