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MP News: आवासीय इलाकों में कारोबार पर कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने मिक्स्ड लैंड यूज लागू करने की मांग की
Sat, 25 Jul 2026 07:09 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 25 Jul 2026 07:09 PM IST
सार
भोपाल में आवासीय इलाकों में चल रही दुकानों और दूसरे कारोबार पर नगर निगम के नोटिस से व्यापारियों में नाराजगी है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कार्रवाई रोकने और नया मास्टर प्लान आने तक मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
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भोपाल चैंबर ने निगम की कार्रवाई पर जताया विरोध
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में आवासीय परिसरों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। दरअसल निगम की तरफ से दुकानदारों को नोटिश जारी किए गए। इसको लेकर भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने नगर निगम की ओर से जारी किए जा रहे नोटिसों का विरोध किया है। चेंबर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक व्यापारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई रोक दी जाए। साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य सड़कों पर मिक्स्ड लैंड यूज (Mixed Land Use) की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।
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10 दिन में दुकानें बंद करने का नोटिस
चैंबर के अनुसार नगर निगम ने शहर में करीब 30 हजार व्यापारियों को 10 दिन के भीतर दुकानें बंद करने के नोटिस दिए हैं। गोविंद गोयल ने कहा कि जिन दुकानों में व्यापारी लंबे समय से कारोबार कर रहे हैं, उन्हें अचानक बंद कराने से पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार होना चाहिए।
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उन्होंने सवाल उठाया कि कई व्यापारियों के पास नगर निगम का लाइसेंस,जीएसटी रजिस्ट्रेशन और गुमास्ता समेत जरूरी दस्तावेज हैं। ऐसे में उन्हें कारोबार बंद करने के लिए नोटिस दिए जाने की वजह और कार्रवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
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नए मास्टर प्लान तक कार्रवाई रोकने की मांग
भोपाल चैंबर ने सरकार और प्रशासन के सामने व्यापारियों को राहत देने के लिए कई मांगें रखी हैं। चैंबर का कहना है कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक मार्गों पर मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जिससे लंबे समय से चल रहे कारोबार को नियमानुसार संचालित करने का रास्ता साफ हो सके। चैंबर ने मांग की है कि जब तक भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक दुकानों को बंद कराने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही बिना वैकल्पिक स्थान या पुनर्वास की व्यवस्था किए किसी व्यापारी को हटाया नहीं जाए।
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मुख्यमंत्री से मिलकर सौंपा ज्ञापन
गोविंद गोयल ने बताया कि इस मामले को लेकर चैंबर का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर ज्ञापन दे चुका है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने मामले की जानकारी होने की बात कहते हुए इसे देखने का आश्वासन दिया है।
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छोटे व्यापारियों पर संकट का आरोप
चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि यदि बिना समाधान के बड़े पैमाने पर दुकानें बंद कराई गईं तो छोटे और मध्यम व्यापारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उनका दावा है कि इससे व्यापारियों का वर्षों का निवेश प्रभावित होगा और बड़े कारोबारी समूहों को फायदा मिल सकता है। गोविंद गोयल ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चैंबर प्रशासन के साथ चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन जब तक व्यापारियों के लिए स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक नगर निगम की कार्रवाई को रोकना जरूरी है।
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10 दिन में दुकानें बंद करने का नोटिस
चैंबर के अनुसार नगर निगम ने शहर में करीब 30 हजार व्यापारियों को 10 दिन के भीतर दुकानें बंद करने के नोटिस दिए हैं। गोविंद गोयल ने कहा कि जिन दुकानों में व्यापारी लंबे समय से कारोबार कर रहे हैं, उन्हें अचानक बंद कराने से पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार होना चाहिए।
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उन्होंने सवाल उठाया कि कई व्यापारियों के पास नगर निगम का लाइसेंस,जीएसटी रजिस्ट्रेशन और गुमास्ता समेत जरूरी दस्तावेज हैं। ऐसे में उन्हें कारोबार बंद करने के लिए नोटिस दिए जाने की वजह और कार्रवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
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नए मास्टर प्लान तक कार्रवाई रोकने की मांग
भोपाल चैंबर ने सरकार और प्रशासन के सामने व्यापारियों को राहत देने के लिए कई मांगें रखी हैं। चैंबर का कहना है कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक मार्गों पर मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जिससे लंबे समय से चल रहे कारोबार को नियमानुसार संचालित करने का रास्ता साफ हो सके। चैंबर ने मांग की है कि जब तक भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक दुकानों को बंद कराने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही बिना वैकल्पिक स्थान या पुनर्वास की व्यवस्था किए किसी व्यापारी को हटाया नहीं जाए।
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मुख्यमंत्री से मिलकर सौंपा ज्ञापन
गोविंद गोयल ने बताया कि इस मामले को लेकर चैंबर का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर ज्ञापन दे चुका है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने मामले की जानकारी होने की बात कहते हुए इसे देखने का आश्वासन दिया है।
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छोटे व्यापारियों पर संकट का आरोप
चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि यदि बिना समाधान के बड़े पैमाने पर दुकानें बंद कराई गईं तो छोटे और मध्यम व्यापारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उनका दावा है कि इससे व्यापारियों का वर्षों का निवेश प्रभावित होगा और बड़े कारोबारी समूहों को फायदा मिल सकता है। गोविंद गोयल ने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चैंबर प्रशासन के साथ चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन जब तक व्यापारियों के लिए स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक नगर निगम की कार्रवाई को रोकना जरूरी है।
