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MP News: नगरीय निकाय चुनाव 2027 की तैयारी शुरू, महापौर और नपा अध्यक्ष पदों के आरक्षण के लिए अधिकारी नियुक्त
Sun, 14 Jun 2026 03:45 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 14 Jun 2026 03:45 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में 2027 के नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार ने महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया के लिए नगरीय प्रशासन आयुक्त को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है।
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वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। चुनाव में लगभग डेढ़ वर्ष का समय शेष होने के बावजूद राज्य सरकार ने महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को आरक्षण संबंधी कार्रवाई के लिए अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण मध्यप्रदेश नगरपालिका (महापौर एवं अध्यक्ष पद आरक्षण) नियम, 1999 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा। इसी के तहत आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए आरक्षण प्रक्रिया का संचालन आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने 12 जून को आदेश जारी कर दिए हैं। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग भी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों की मतदाता सूची तैयार कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। माना जा रहा है कि सरकार और निर्वाचन आयोग दोनों स्तरों पर चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
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आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था
मौजूदा नियमों के अनुसार नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए कुल पदों का 50 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षण संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर तय किया जाता है। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आरक्षण का निर्धारण रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जाता है, ताकि पिछली बार आरक्षित रही सीटों के स्थान पर अन्य निकायों को अवसर मिल सके। नगर निगमों में महापौर पदों के आरक्षण का फैसला लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जिसमें यह तय होता है कि कौन-सा नगर निगम किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।
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2022 में हुई थी महापौर पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया
मध्यप्रदेश में नगर निगम और नगरपालिका चुनाव वर्ष 2014 में आयोजित हुए थे। इसके बाद 2019 में चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण चुनाव समय पर नहीं हो सके। वर्ष 2022 में भी ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई। बाद में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राज्य में नगर निगम और नगरपालिका चुनाव संपन्न कराए गए। इसी दौरान महापौर पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया मई 2022 में पूरी की गई थी।
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आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था
मौजूदा नियमों के अनुसार नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए कुल पदों का 50 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षण संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर तय किया जाता है। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आरक्षण का निर्धारण रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जाता है, ताकि पिछली बार आरक्षित रही सीटों के स्थान पर अन्य निकायों को अवसर मिल सके। नगर निगमों में महापौर पदों के आरक्षण का फैसला लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जिसमें यह तय होता है कि कौन-सा नगर निगम किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।
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2022 में हुई थी महापौर पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया
मध्यप्रदेश में नगर निगम और नगरपालिका चुनाव वर्ष 2014 में आयोजित हुए थे। इसके बाद 2019 में चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों और बाद में कोविड-19 महामारी के कारण चुनाव समय पर नहीं हो सके। वर्ष 2022 में भी ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई। बाद में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राज्य में नगर निगम और नगरपालिका चुनाव संपन्न कराए गए। इसी दौरान महापौर पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया मई 2022 में पूरी की गई थी।
