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MP News: सरकार बेचेगी शराब, नीलामी के बाद बची 454 मदिरा दुकानों के संचालन के लिए निगम-मंडल बनाने पर विचार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 03 Apr 2026 11:19 PM IST
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सार

मध्यप्रदेश में मदिरा दुकानों की नीलामी के बाद 454 दुकानें अभी भी नहीं बिक सकीं, जिन्हें फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। सरकार अब इन दुकानों के संचालन के लिए निगम/मंडल बनाने पर विचार कर रही है और 30% से कम ऑफर स्वीकार नहीं करेगी।

MP News: The government will sell liquor, considering forming a corporation-board to operate the 454 liquor sh
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ani
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विस्तार

प्रदेश में मदिरा दुकानों की नीलामी प्रक्रिया के बाद बची दुकानों को लेकर सरकार ने बड़ा इरादा जाहिर किया है। आबकारी विभाग के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की वर्चुअल बैठक में 12 दौर की नीलामी के बाद भी शेष रह गई दुकानों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 454 दुकानों के संचालन के लिए आबकारी विभाग के निगम या मंडल गठित कर संचालन की संभावनाएं तलाशने का सुझाव आया। हालांकि, अभी इस पर निर्णय होना है। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, स्कूली शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर और आयुक्त आबकारी दीपक कुमार सक्सेना शामिल रहे। सभी ने नीलामी प्रक्रिया की प्रगति और शेष दुकानों के प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
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प्रदेश में अभी भी 454 मदिरा दुकानें ऐसी हैं, जिनका निपटान नहीं हो सका है। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से भी कम हैं, इसलिए इन्हें फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। समिति ने फैसला लिया है कि अब 30% से कम के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आगे होने वाले 13 वें चरण में भी ई-टेंडर के जरिए ही नीलामी होगी और ऑफसेट प्राइस अधिकतम 30% तक ही कम रखा जाएगा। इस चरण में भी ऑक्शन प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी। 

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आंकड़ों पर नजर डालें तो नीलामी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में कुल 1,396 दुकानों की नीलामी हो सकी। इन दुकानों से करीब 16,637 करोड़ रुपये का राजस्व सुनिश्चित हुआ, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 34.13 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, कुछ श्रेणियों में बोली अपेक्षा से कम रही। -30% से -40% तक के ऑफर में 106 दुकानों के लिए लगभग 8,699 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले करीब 5,550 करोड़ रुपये के ऑफर प्राप्त हुए। इसी तरह -40% से -50% श्रेणी में 132 दुकानों के लिए 10,101 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले करीब 5,517 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले। वहीं 215 दुकानों में -50% से भी कम के ऑफर आए। बारहवें दौर की नीलामी में 193 दुकानों का निपटान हुआ, जिससे लगभग 1,216 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
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